फार्मेसी श्रेणी में पिछली रैंक को बरकरार रखते हुए पीयू के यूआईपीएस ने इजाफा किया है। साल 2019 के मुकाबले पीयू ने फार्मेसी 1.7 अंक की बढ़ोतरी दर्ज की है। साल 2019 में कुल स्कोर 78.10 था, जो साल 2020 में बढ़कर 79.80 पहुंच गया है। पांचों पैरामीटर के अंकों में भी इजाफा किया है। पीयू वीसी प्रो राजकुमार ने फार्मेसी रैंकिंग पर यूआईपीएस की परफार्मेंस पर संतुष्टि जताई है। उनका कहना है कि अगले साल फार्मेसी के अंक में और सुधार करेंगे।
नाइपर की रैकिंग में सुधार नहीं, आइसर ओवरऑल में 59वें पर
दो साल पहले फार्मेसी की श्रेणी में नाइपर पहले स्थान पर था। पिछले साल गिरकर तीसरे स्थान पर आ गया। इस साल भी नाइपर तीसरे स्थान पर बना रहा। हालांकि नाइपर की जो कार्यक्षमता है, उससे पहले स्थान की उम्मीद की जाती है। दूसरी ओर मोहाली के इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ सांइस एजुकेशन एंड रिसर्च (आइसर) ने ओवरऑल कैटेगरी में 59वां स्थान हासिल किया है। ओवरऑल कैटेगरी में रैंकिंग के लिए देशभर के 1667 संस्थानों को शामिल किया गया था। जिसमें से आइसर ने 59वां स्थान हासिल किया है।
पेक ने रैकिंग में सुधार किया
इंजीनियरिंग कॉलेज की श्रेणी में पेक ने साल 2019 के मुकाबले 11 स्थान की बढ़ोतरी की है। साल 2019 में पेक ने 78 रैंक हासिल की थी, जबकि इस बार 67वीं रैंक। पेक डायरेक्टर प्रो धीरज सांघी ने पेक की रैकिंग में हुए सुधार पर संतुष्टि जताई है। उन्होंने कहा कि उनकी कोशिश रहेगी कि अगली बार पेक टॉप 50 में जगह बनाए।
टीम वर्क से सफलता मिली है। उपलब्धि के लिए पीजीआई के प्रत्येक सदस्य को बधाई। भविष्य में हम नंबर वन जरूर बनेंगे। -प्रो. जगतराम, निदेशक पीजीआई
रैंकिंग में सुधार करेंगे। कई मोर्चे पर काम कर रहे हैं। फार्मेसी की श्रेणी में हम दूसरे स्थान पर रहे हैं। मुझे उम्मीद है कि अगली बार अच्छा स्कोर प्राप्त करेंगे। प्रो. राजकुमार, वीसी पंजाब यूनिवर्सिटी