प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के चंडीगढ़ दौरे के दौरान स्कूल बंद करवाने और अन्य पाबंदियों से आम लोगों को हुई परेशानी का मामला हाईकोर्ट पहुंच गया है। मामले में जिम्मेदारी तय करने की मांग को लेकर पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट में याचिका दायर की गई है।
लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) आरएस सुजलाना और ब्रिगेडियर (सेवानिवृत्त) किरन कृष्ण ने याचिका के जरिये मांग की है अफसर अपने अधिकार क्षेत्र से बाहर जाकर काम न करें। एडवोकेट मेजर सुधीर मित्तल के माध्यम से दायर याचिका में कहा गया है कि प्रधानमंत्री के दौरे के दौरान प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल उठाया है।
पूछा है कि क्या यूटी प्रशासन आम नागरिकों के मौलिक अधिकारों के हक है? क्या आम नागरिक का दर्जा प्रधानमंत्री से कम है? या फिर मामले में प्रशासन शहर के लोगों के प्रति जवाबदेह है या नहीं? याचिका में कहा गया है कि पीएम के दौरे के दौरान प्रशासन की ओर से लोगों पर लगाई गई विभिन्न पाबंदियां अधिकारियों की ज्यादती और आम लोगों के अधिकारों का हनन है। इसीलिए हाईकोर्ट को उचित आदेश पारित करना चाहिए। अब याचिका पर आगामी कुछ दियों में सुनवाई शुरू होने की संभावना है।