हरियाणा में ग्रुप डी के 18 हजार पदों के लिए हो रही नियुक्ति प्रक्रिया में अनियमितताओं को लेकर दाखिल याचिका पर पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने हरियाणा सरकार और हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग को नोटिस जारी कर जवाब तलब कर लिया है। इस मामले में हिसार निवासी मनीषा ने अपने वकील विक्रम श्योराण के माध्यम से याचिका दायर कर नियुक्ति प्रक्रिया पर सवाल उठाए हैं।
याची ने कोर्ट को बताया कि वह आर्थिक आधार पर पिछड़े वर्ग से संबंध रखती है और नियमों के तहत इस वर्ग के आवेदकों को 10 अतिरिक्त अंक देने का प्रावधान है। हरियाणा स्टाफ सलेक्शन कमीशन ने इसको नजरअंदाज करते हुए उसे यह लाभ नहीं दिया। यदि 10 अतिरिक्त अंक मिले होते तो उसका चयन तय था।
इस भर्ती में पिता की मौत, घर में किसी सदस्य को सरकारी नौकरी न होने व आर्थिक आधार पर पिछड़े वर्ग के आवेदकों को 10 अतिरिक्त अंक का लाभ देने का निर्णय लिया गया था। आयोग की लापरवाही के कारण उसे इसका लाभ नहीं मिला। याची ने मांग की कि 10 अंक का लाभ देकर उसकी नियुक्ति का आदेश दे।
याची ने कोर्ट को बताया कि इस तरह के कई और मामलों में बोर्ड ने नियमों को अनदेखा किया है। हाईकोर्ट ने मामले की गंभीरता को देखते हए राज्य सरकार और हरियाणा स्टाफ सेलेक्शन कमीशन को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।