कुरुक्षेत्र में गीता जयंती समारोह के दौरान बांटने के लिए 11 करोड़ रुपये में खरीदी गई श्रीमद् भगवत गीता में श्लोकों के गलत अर्थ बताने का आरोप लगाते हुए दाखिल याचिका को पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने खारिज करते हुए याची पर 2 लाख रुपये जुर्माना लगाया है। याचिका दाखिल करते हुए एक एडवोकेट ने हाईकोर्ट को बताया कि हरियाणा में गीता जयंती महोत्सव मनाया जा रहा है।
इस दौरान गीता के प्रचार प्रसार के लिए 11 करोड़ रुपये में गोरखपुर के गोयनका द्वारा लिखी गई गीता को खरीदने का निर्णय लिया गया है। याची ने कहा कि राज्य सरकार धर्म निरपेक्ष सरकार है और ऐसे किसी धर्म के प्रचार पर सरकारी कोष से खर्च नहीं किया जा सकता। याची ने कहा कि जो श्रीमद् भगवत गीता खरीदी गई है वह सही अनुवाद नहीं है और ऐसे में लोगों के बीच गीता का संदेश गलत जाएगा।
साथ ही इस प्रकार के आयोजन को राजनीतिक लाभ लेने का तरीका बताया गया। याची ने हाईकोर्ट से अपील की कि इस मामले में हाईकोर्ट दखल दे। याची ने कहा कि अनुवाद की जांच के लिए किसी विशेषज्ञ को याचिकाकर्ता के खर्च पर नियुक्त किया जाए और वह देखे कि यह कितनी सटीक है।
हाईकोर्ट ने इस पर कहा कि कोर्ट इस मामले में कैसे निणर्य ले सकता है। कोर्ट याची के लिए सही विकल्प नहीं है और याची को सरकार के सामने पक्ष रखना चाहिए। याची फिर भी अपनी अपील पर अड़ा रहा जिसके चलते हाईकोर्ट ने 2 लाख रुपये जुर्माना लगाते हुए याचिका को खारिज कर दिया।