एक बार फिर से हरियाणा के स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज अफसरों की कार्यप्रणाली को लेकर खफा हो गए हैं। इस बार मामला बाबा रामदेव के कार्यक्रम में मंत्री विज को न्योता न मिलने से संबंधित है। इसी बात से नाराज मंत्री विज ने मुख्य सचिव को पत्र लिखकर लापरवाही बरतने वाले अफसरों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की मांग की है।
उधर, बताया गया कि विज को सरकार की ओर से सिर्फ एक निमंत्रण कार्ड भेजा गया था। हालांकि आयुष मंत्री के तौर पर इस कार्ड में उनका नाम जरूर था लेकिन उन्हें व्यक्तिगत तौर से किसी भी अफसर ने कार्यक्रम के बारे में कोई जानकारी नहीं दी। इससे व्यथित विज ने गुरुवार शाम को प्रदेश के मुख्य सचिव डीएस ढेसी को एक पत्र भेजा है। इस पत्र में लापरवाही बरतने वाले संबंधित अफसरों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की मांग की है।
दरअसल, मोरनी में हर्बल फारेस्ट बनाने की पहल सबसे पहले स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज ने ही की थी। उस दौरान विज कई बार स्वामी रामदेव से मिलने हरिद्वार गए और उनके साथ मोरनी क्षेत्र का दौरा किया था। आयुष विभाग के अफसरों की टीम लगातार मोरनी में हर्बल फारेस्ट पार्क को लेकर काम करती रही। वैसे तो इस हर्बल फारेस्ट में आधा काम वन विभाग का है, लेकिन इस पूरे प्रकरण में विज सक्रिय रहे थे। लेकिन गुरुवार को जब स्वामी रामदेव को लोकार्पण कार्यक्रम में आना था तो सरकार के अफसरों की ओर से विज को व्यक्तिगत निमंत्रण नहीं दिया गया।