पंजाब की महिला एवं बाल विकास मंत्री रजिया सुल्ताना को हटाने के लिए पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट में एक जनहित याचिका दायर की गई है। हाईकोर्ट के वकील जगमोहन भट्टी ने याचिका दायर कर आरोप लगाया कि रजिया सुल्ताना ने नियमों को ताक पर रखकर चुनाव जीता है, जबकि नियमों के अनुसार वह चुनाव नहीं लड़ सकती थीं।
याचिकाकर्ता का आरोप था कि गवर्नमेंट इंप्लाइज कंडक्ट रूल्स 1966 के तहत किसी भी सरकारी कर्मचारी का पति या पत्नी किसी भी राजनीतिक दल से नहीं जुड़ सकता, लेकिन रजिया सुल्ताना के पति पंजाब में एडीजीपी के पद पर काम कर रहे हैं और वह तीन बार मालेरकोटला से चुनी जा चुकी हैं। याचिकाकर्ता ने कोर्ट से आग्रह किया कि अदालत उनका एमएलए का चुनाव रद्द करे।
इस मामले में याचिकाकर्ता ने पंजाब सरकार, चुनाव आयोग को भी प्रतिवादी बनाया है। इस मामले में एक दो दिन में सुनवाई संभव है। ज्ञात रहे कि इससे पहले याचिकाकर्ता ने पंजाब की शिक्षा मंत्री अरुणा चौधरी के चुनाव को भी रद्द करने की मांग पर याचिका दायर की हुई है।