जलालाबाद रोड स्थित शिव धाम कमेटी के प्रबंधक कृष्ण कुमार शम्मी तेरिया ने बताया कि कोरोना मृतकों का संस्कार इलेक्ट्रॉनिक्स भट्टी में किया जाता है। कुछ दिनों से कोरोना से मौतों का सिलसिला तेज हो गया है। जिससे संस्कार के लिए आम दिनों से ज्यादा शव लाए जा रहे हैं। मगर एक ही भट्ठी होने से अब जहां रात को संस्कार करने पड़ रहे हैं।
वहीं खुले में भी अंतिम संस्कार करना पड़ रहा है। हालांकि उनकी कोशिश रहती है कि कोरोना मृतकों के शवों का संस्कार इलेक्ट्रॉनिक्स भट्ठी में हो, मगर इसमें ढाई से तीन घंटे का समय लगने के कारण वेटिंग चल रही है। पूरे जिले में एक ही इलेक्ट्रॉनिक्स भट्ठी होने के कारण संस्कार के लिए शव मुक्तसर-जलालाबाद रोड शिव धाम में आ रहे हैं।
इलेक्ट्रॉनिक्स भट्ठी में संस्कार के बाद लगभग तीन-चार घंटे में मृतक की अस्थियां उठाई जा सकती हैं। जिसके बाद ही दोबारा वहां संस्कार हो सकता है। इलेक्ट्रॉनिक्स भट्ठी में मृतक देह से उठने वाला धुआं बाहर अन्य लोगों को अपने प्रभाव में नहीं ले पाता। ऐसे में कोरोना मृतकों के ज्यादा शव आने से अब दो से तीन घंटे का इंतजार करना पड़ रहा है। बुधवार को भी इस शिव धाम में सात मृतकों के संस्कार हुए हैं। जिनमें पांच कोरोना मृतक थे। इनमें से दो के संस्कार तो रात ग्यारह बजे के आसपास हुए।
कपड़ों व अन्य सामान को लेकर लापरवाही दिखा रहे लोग
शिव धाम में कोरोना मृतकों के परिजनों की लापरवाही भी सामने आ रही है, क्योंकि लोग अपने परिजनों की अंतिम शैय्या के कपड़ों व सामान को सैनिटाइज करके अग्निभेंट करने के स्थान पर शिव धाम में ही यहां-वहां फेंक कर जा रहे हैं। उनकी यह लापरवाही संक्रमण को बढ़ावा दे सकती है। लोगों की इस लापरवाही से शिव धाम कमेटी के सदस्य भी चिंतित हैं। शम्मी तेरिया ने कोरोना मृतकों के परिजनों से उनके सामान को सैनिटाइज करने के बाद आग में नष्ट करने की अपील की है, ताकि कपड़ों के संपर्क में आने से किसी को इंफेक्शन न हो।