ट्रेन अपनी रफ्तार पर आ रही थी और पटरी टूटी हुई थी। वो तो लोगों ने देख लिया और उसके बाद जो हुआ, देखकर लोगों ने भगवान का शुक्र मनाया। वरना ट्रेन बेपटरी होकर पलट जाती और कई जानें चली जातीं। मामला हरियाणा का है। जाखल दिल्ली रेलवे ट्रैक पर रविवार को एक बड़ा हादसा होने से बच गया। वहां गुजर रहे कुछ लोगों ने रेल पटरी के एक टुकड़े को टूटे हुए देखा तो अन्य लोगों को बुला लिया। इसी दौरान उसी ट्रैक पर मालगाड़ी आ गई।
हादसा रोकने के लिए लोगों ने मालगाड़ी को रुकने का इशारा किया। खतरे को भांप चालक ने मालगाड़ी को ब्रक लगा दिए। इसस मालगाड़ी घटना स्थल से कुछ पहले रुक गई और हादसा होने से बच गया। ट्रैक टूटा होने की जानकारी मिलते ही रेलवे अधिकारी मौके पर पहुंच गए और टूटे हुए हिस्से को ठीक करा कर रेल आवागमन बहाल कराया। घटना सुबह करीब सवा छह बजे की है। बाजीगर बस्ती के सामने लोगों ने रेलवे लाइन के ऊपरी हिस्से का करीब डेढ़ फीट का एक टुकड़ा टूटा देखा।
बठिंडा-दिल्ली रेलवे ट्रैक की मुख्य लाइन के इस हिस्से के टूटे होने पर लोगों ने शोर मचा दिया। इस पर वहां बड़ी संख्या में लोग पहुंच गए। इसी दौरान एक गाड़ी इस ट्रैक पर आ गई। यह देख बस्ती के लोग ट्रैक के साथ-साथ गाड़ी के आने वाली दिशा में दौड़ पड़े और चालक को गाड़ी रोकने का इशारा करने लगे। लोगों के इशारे समझते हुए चालक ने टूटी पटरी से करीब 200 मीटर पहले ही गाड़ी को रोक लिया।
20 मिनट में टूटे हिस्से को जोड़ दिया गया
रेलवे ट्रैक
घटना की सूचना मिलते ही स्टेशन अधीक्षक सूरजभान शर्मा, रेल पथ निरीक्षक प्रीतम नोनीवाल, रेल पथ निर्माण विभाग के निरीक्षक सीएस शर्मा आदि मौके पर पहुंच गए। उन्होंने गाड़ी को बैक करवा कर आउटर सिग्नल पर खड़ा करा दिया। इसके बाद रेलवे के अधिकारियों ने टूटे हिस्से की मरम्मत शुरू करा दी।
करीब 20 मिनट में टूटे हिस्से को जोड़कर मालगाड़ी को ट्रैक से गुजारा गया। लोगों ने बताया है कि यदि वह समय पर टूटी पटरी को न देखते तो कोई यात्री गाड़ी भी दुर्घटनाग्रस्त हो सकती थी। क्योंकि, इससे पहले ही एक मालगाड़ी गुजरी थी। कुछ ही समय बाद दिल्ली की ओर से माल से भरी एक अन्य मालगाड़ी इसी ट्रैक पर आ गई थी।
गुजरने वाली थी यात्री ट्रेनें भी
हादसे के डेढ़ घंटे बाद ही फिरोजपुर से दिल्ली सरायरोहिल्ला, फिरोजपुर से मुंबई सेंट्रल और इनके बाद श्रीगंगानगर से नई दिल्ली जाने वाली इंटरसिटी एक्सप्रेस को गुजरना था। लोगों की सतर्कता और समझदारी से ट्रेन हादसा होने से बच गया।
बदलता तापमान है घटना का कारण
टूटी ट्रैक से गुजरी ट्रेन
- फोटो : demo photo
रेल पथ निरीक्षक प्रीतम नोनीवाल ने कहा कि तमाम रेल गाड़ी चालकों को निर्देश है कि गाड़ी चलाने के दौरान वह लोगों केहर मूवमेंट पर ध्यान दें। कई बार लोगों की सूचना भी दुर्घटनाओं को रोक देती है।
बदलता तापमान रेलवे ट्रैक पर असर डालता है। इस समय दिन में गर्मी तो रात का ठंड है। गर्मी होने के कारण दिन में रेलवे ट्रैक फैलता है तो रात को सिकुड़ता है। यह घटना भी बदलते तापमान के कारण ही हुई है। इसे कुछ ही समय में ठीक कर दिया गया।
घटना से कोई नुकसान नहीं
स्टेशन अधीक्षक सूरजभान शर्मा ने कहा कि घटना ज्यादा बड़ी नहीं थी। टूटे रेल ट्रैक का पता चलते ही कर्मचारी बुलाकर इसे ठीक करवा दिया गया। कोई रेल आवागमन बाधित नहीं हुआ।