सुबह एयर चीफ मार्शल बीएस धनोआ अंबाला से महज 45 किमी. दूर चंडीगढ़ एयरफोर्स स्टेशन में चिनूक हेलिकॉप्टर के उद्घाटन समारोह में पहुंचे थे, जब अंबाला में सॉनिक बूम हुआ। संभवत: माना जा रहा है कि एयर चीफ की सुरक्षा को लेकर लड़ाकू विमान हवा में पूरी तरह अलर्ट थे और दुश्मन को डराने के लिए साउंड बैरियर तोड़ सॉनिक बूम उत्पन्न किया गया। अंबाला से पाक सीमा महज 240 किमी. की दूरी पर है और बालाकोट एयर स्ट्राइक के बाद पहली बार एयर चीफ पाक सीमा के इतने करीब किसी समारोह में पहुंचे थे।
क्या है सॉनिक बूम
सुपरसॉनिक या सॉनिक बूम किसी भी विमान द्वारा पैदा की आवाज है। यह ध्वनि की रफ्तार 1225 किमी. प्रति घंटा से तेज होती है जो कि मैक वन के बराबर है। सुपरसॉनिक या सॉनिक का मतलब होता है ध्वनि से तेज। सॉनिक बूम एक तरह की चौका देने वाली तरंगें होती हैं, इस स्पीड पर चलने वाले विमानों से इतनी तेज आवाज पैदा होती है कि जमीन पर बम विस्फोट या बादलों की गड़गड़ाहट जैसी आवाज सुनाई देती है।
जब विमान हवा में रफ्तार पर उड़ता है तो साउंड वेव यानी ध्वनि तरंगें पैदा करता है। जब विमान ध्वनि गति से कम चलता है तो साउंड वेव विमान के आगे की ओर रहती हैं लेकिन जब विमान साउंड बैरियर तोड़कर ध्वनि की स्पीड से तेज चलता है तो यह सॉनिक बूम पैदा करता है। इसमें विमान आने पर पहले कोई आवाज नहीं आती, लेकिन विमान गुजरते ही तेज आवाज धमाके जैसा बूम होता है।
जब कोई विमान ध्वनि की गति से कम स्पीड पर चलता है तो उसके द्वारा उत्पन्न प्रेशर डिस्टरबेंस या साउंड सभी दिशाओं में फैल जाती है, लेकिन सुपर सॉनिक स्पीड में प्रेशर फील्ड एक खास इलाके तक सीमित होता है जो अक्सर विमान के पिछले हिस्से पर फैलती है और एक सीमित चौड़े कोने में आगे बढ़ती है जिसे मैक कोन कहा जाता है। विमान के आगे बढ़ने के साथ ही पीछे की ओर कोन का पैराबोलिक किनारा पृथ्वी से टकराता है जोकि जबरदस्त धमाका या बूम पैदा करता है।
जब इस तरह का विमान काफी लो एल्टीट्यूट यानी नीचे उड़ता है तो यह शॉक वेव इतनी ज्यादा तीव्रता की होती है कि इससे खिड़कियों के शीशे तक टूट जाते हैं। यह तीव्रता इस बात पर भी निर्भर करती है कि विमान धरती से कितनी ऊंचाई पर उड़ रहा है। साथ ही यह विमान के आकार और आकृति पर भी निर्भर करती है।
इसके अलावा यह विमान के वायुमंडलीय दबाव, तापमान और हवा की गति पर भी निर्भर करता है। यदि विमान बहुत लंबा है तो यह डबल सॉनिक बूम पैदा करता है। एक आगे और दूसरा पिछले हिस्से की तरफ। लड़ाकू विमानों की लंबाई ज्यादा नहीं होती इस वजह से अमूमन शॉक वेव विमान के पिछले हिस्से पर दिखाई देती हैं।
लोगों को घबराने की जरूरत नहीं है। एयरफोर्स से संपर्क किया गया है, कोई घटना नहीं हुई है। लोग किसी भी तरह की अफवाह से बचें। - शरणदीप कौर बराड़, डीसी अंबाला।