पीएपी चौक से लेकर पठानकोट चौक व होशियारपुर चौक तक गाड़ियां रेंगती नजर आईं। इस जाम का सबसे ज्यादा खामियाजा स्कूली बच्चों को भुगतना पड़ा। इस जाम में कई स्कूलों की बसें फंस गईं जिसके कारण स्कूलों से घर पहुंचने वाले बच्चे लगभग 2 घंटे की देरी से घर पहुंचे। इसके अलावा जिन लोगों ने जालंधर से पठानकोट, अमृतसर की तरफ जाना था, उनको भी भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
जाम के कारण एक एंबुलेंस भी फंस गई जिसे मसीही भाईचारे के नेताओं ने खुद किसी तरह बाहर निकाला। जब बच्चों के माता-पिता को पीएपी चौक पर बच्चों की स्कूल बस के फंसे होने की सूचना मिली तो वह उन्हें लेने वहां पहुंच गए। इस दौरान कुछ अभिभावकों की जाम लगाने वाले मसीही भाईचारे के लोगों के साथ तीखी बहस भी हुई।
पुलिस ने बीच बचाव करके दोनों पक्षों को शांत कराया। मामला बिगड़ता देख प्रशासन व पुलिस के अधिकारी मौके पर पहुंचे व उन्होंने मसीही भाईचारे के नेताओं को पीएपी चौक को जाम न करने की ताकीद भी दी। इस पर मसीही भाईचारे के नेताओं का कहना था कि उनकी भावनाएं आहत हुई हैं व पुलिस प्रशासन कुछ नहीं कर रहा है। मसीही भाईचारे के लोगों ने तो यहां तक कह दिया कि वह पीएपी चौक पर संगत को लेकर पक्का धरना लगाएंगे व यहीं पर उनके रहने व लंगर का प्रबंध भी करेंगे। उनका कहना था कि वह तब तक धरना नहीं उठाएंगे, जब तक अमृतपाल सिंह के खिलाफ मामला दर्ज नहीं किया जाता।