पार्किंग एक प्रवेश टिकट बनकर रह गई है। ठेकेदार न तो गाड़ियों को ठीक प्रकार से लगवाते हैं और न ही बाहर निकलवाने के लिए कोई अटेंडेंट मौके पर होता है। अपनी जिम्मेदारी पर ही पार्किंग में गाड़ी खड़ी करनी पड़ती है। इस लापरवाही से गाड़ियों को काफी नुकसान पहुंचता है और गाड़ी चोरी का खतरा भी रहता है। - राकेश गांधी, प्रवक्ता रेजिडेंट एकता वेलफेयर एसोसिएशन
झपटमारी की घटनाएं हुईं आम, इस पर लगनी चाहिए लगाम
शहर में हत्या और चोरी की वारदातें इतनी बढ़ गई हैं कि लोग अपने घर में सुरक्षित नहीं हैं। चंडीगढ़ जैसा शहर जहां हर चौक और बाजार में पीसीआर की सुविधा है, उसके बावजूद दिनदहाड़े स्नैचिंग व लूट की घटनाएं हो रही हैं। ये सभी घटनाएं लोगों की सुरक्षा के लिए खतरा पैदा कर रही हैं। - भूपिंदर कौर संधू, सेक्टर- 29 आरडब्ल्यूए प्रधान
डंपिंग ग्राउंड के उठते धुएं से मिलनी चाहिए मुक्ति
डड्डूमाजरा का डंपिंग ग्राउंड शहर पर एक दाग है। यहां से उठते धुएं और प्रदूषण ने आसपास के लोगों का जीवन नर्क बना दिया है। लोग बीमारियों से ग्रस्त हो रहे हैं और गंदगी के पहाड़ के साथ रहने को मजबूर हैं। हम आशा करते हैं कि अगले साल तक इस समस्या से हजारों को निजात मिले ताकि वह सांस ले सकें। -पंकज गुप्ता, मुख्य प्रवक्ता, फॉस्वैक एवं अध्यक्ष, सेक्टर- 38 वेस्ट, आरडब्ल्यूए
चंडीगढ़ में सवा लाख ऐसे घर हैं, जिन पर नीड बेस्ड वायलेशन के नाम पर हर वक्त नोटिस आने का खतरा रहता है। इन घरों पर कम से कम छह लाख की आबादी निवास करती है। प्रशासन को चाहिए कि वे डर खत्म कर एक व्यापक समाधान निकाले। -विनोद वशिष्ट, संयोजक सिटी फोरम ऑफ रेजिडेंट वेलफेयर ऑर्गेनाइजेशन
युवाओं को चाहिए अधिक मार्गदर्शन और रोजगार
भारत दुनिया में सबसे तेजी से आगे बढ़ने वाला देश है। यहां की अर्थव्यवस्था लगातार बढ़ रही है। इस अर्थव्यवस्था की मजबूती में युवाओं का भी बड़ा हाथ है। युवा शिक्षा पाकर अपने-अपने रास्ते तलाश रहे हैं। कोई नौकरी कर रहा है तो कोई व्यवसाय। कई युवा अभी उच्च शिक्षा पा रहे हैं तो कुछ नौकरी की तलाश में हैं। युवाओं का कहना है कि युवाओं को ही वर्तमान में अधिक मार्गदर्शन व कॅरिअर की जरूरत है। सरकार या देश को इस दिशा में कदम उठाने चाहिए। साथ ही हर हाथ को काम चाहिए।
भागीदारी हर क्षेत्र में हो
15 अगस्त को आजादी का 74वां वर्ष पूरा हो रहा है। मैं चाहता हूं कि भारत अपने मूल विचारों और संस्कृति के आधार पर शिखर पर चढ़े। युवाओं की भागीदारी हर क्षेत्र में हो। -शुभम भारद्वाज
रोजगार की जरूरत उच्च शिक्षा तक आज भी तमाम युवाओं की पहुंच नहीं बन पा रही है। इन युवाओं के सपनों को साकार करते हुए देश को आगे ले जाने वाली योजनाएं बनाई जाएं। -मनप्रीत सिंह माहल
देश से प्रेम जरूरी अपने देश से सभी को प्रेम होना चाहिए। युवाओं में देश प्रेम की भावना कूट-कूटकर भरी होनी चाहिए। वहीं युवाओं की सभी आवश्यकताएं भी देश में ही पूरी हों। जतिन सिंह
देश में सभी को बराबरी का हक मिलना चाहिए जो नहीं मिल रहा। गरीब और अधिक गरीब हो रहा है। युवा आगे नहीं बढ़ पा रहे हैं। युवाओं को नौकरी की जरूरत है जो मिलनी चाहिए। -गुरदीप
नौकरी ज्यादा संख्या में मिले युवाओं की संख्या देश में सर्वाधिक है। ऐसे में नौकरियां भी युवाओं की संख्या के मुताबिक ही निकलनी चाहिए। युवाओं की आज की आवश्यकता रोजगार है। -अनुज सिंह
मार्गदर्शन के बिना कोई भी बेहतर प्रदर्शन नहीं कर पाता। ऐसे में युवाओं को भी और अधिक मार्गदर्शन मिलना चाहिए। साथ ही कॅरिअर काउंसलिंग होनी चाहिए। -आयूष