चंडीगढ़ की पहचान यहां की हरियाली और शुद्ध हवा से है। इसकी खासियत को बचाए रखने में साइकिलों का काफी योगदान है। जब गाड़ियों का बोझ सड़कों पर बढ़ा, तब साइकिलिस्ट ने मोर्चा संभाला। यही कारण है कि छह माह के साइकिल फॉर चैलेंज अभियान को भी उम्मीद से ज्यादा रुझान मिला। स्मार्ट सिटी के अधिकारियों के अनुसार, छह माह में लोगों ने गाड़ी के बजाय 2067703 मिनट अधिक साइकिल चलाई।
स्मार्ट सिटी के तहत 25 डॉकिंग स्टेशन से 225 साइकिलों का संचालन किया जा रहा है। दिसंबर 2020 में शुरू हुए इस अभियान के तहत 55252 राइड हुईं। इसमें लोगों ने 442016 किमी की दूरी तय की। इसके साथ ही लोगों ने 110504 किग्रा कार्बन डाई ऑक्साइड पर्यावरण में जाने से बचाई। लोगों का रुझान देखकर स्मार्ट सिटी जल्द पब्लिक बाइक शेयरिंग प्रोजेक्ट को शुरू करने की तैयारी में है।
225 डॉकिंग स्टेशन से चलेंगी 6 हजार साइकिलें
पब्लिक बाइक शेयरिंग प्रोजेक्ट के तहत शहर में 225 डॉकिंग स्टेशन से 6 हजार साइकिल चलाने की योजना है। शहर में बेहतर रुझान रहने पर पंचकूला और मोहाली से भी इस योजना को जोड़ने पर काम चल रहा है। इसलिए स्मार्ट सिटी ने कंपनी को और बड़े स्तर पर योजना को विस्तृत करने को कहा है।
लोगों के लिए भी बनेगी योजना
साइकिल को अपनाने के लिए लोगों को निगम व प्रशासन की तरफ योजना बनाने के लिए भी कहा गया है। जिसमें कर्मचारियों को आपातकालीन या आधे दिन का अवकाश, इन्सेन्टिव व पुरस्कार देने की बात कही गई है। वहीं एक संगठन बनाकर आम लोगों को भी साइकिल का उपयोग करने पर प्रोत्साहित करने की योजना है।