आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए मुस्तैद पुलिस
फेसबुक पर अपलोड जेएनयू के छात्र नेता उमर खालिद पर गोली चलाने की जिम्मेदारी लेकर गांव सराभा में शुक्रवार को गिरफ्तारी देने का वीडियो पब्लिसिटी स्टंट निकला। हरियाणा के रहने वाले दोनों आरोपी नौजवान नवीन दलाल और दरवेश शाहपुर की गिरफ्तारी के लिए दिल्ली पुलिस के करीब 40 कर्मचारी इंस्पेक्टर प्रमोद चौहान की अगुवाई में देर रात ही देहात पुलिस के पास पहुंच गए थे, लेकिन दिल्ली पुलिस की सारी मेहनत बेकार चली गई।
एहतियात के तौर पर पुलिस ने शुक्रवार सुबह लुधियाना, फिरोजपुर, लुधियाना पक्खोवाल, लुधियाना डेहलो रोड सहित कस्बा सराभा में दर्जनों पुलिस कर्मचारी सिविल ड्रेस में तैनात किए थे। दूसरी तरफ आरोपी नवीन दलाल और दरवेश शाहपुर की शहीद करतार सिंह सराभा के गांव में आकर गिरफ्तारी देने की बात का नौजवान भारत सभा सहित कई किसान जत्थेबंदियों ने विरोध किया।
आरोपियों का संगठन ने किया विरोध
आरोपियों का विरोध करते हुए सगंठन के लोग
जत्थेबंदियों का कहना था कि वह आरोपियों को शहीद के गांव में आकर गिरफ्तारी नहीं देने देंगे। प्रदर्शनकारियों ने सराभा गांव में मुख्य मार्ग पर लगी शहीद करतार सिंह सराभा की प्रतिमा और शहीद के घर के आगे धरना लगा इंकलाब जिंदाबाद के नारे भी लगाए। इस दौरान नौजवान भारत सभा लुधियाना के जिला प्रधान अरुण कुमार, ग्रामीण मजदूर यूनियन के प्रधान अवतार सिंह तारी, किरती किसान यूनियन के जिला प्रधान त्रिलोचन सिंह झोरडा, दल खालसा के कोआर्डिनेटर जसवीर खंडूर, टीएसयू तहसील ललतो के प्रधान जागीर हुसैन मौजूद रहे।
दलाल की दादी बोली पता नहीं कहां है
दूसरी और हरियाणा के झज्जर जिला के गांव मंदोती के रहने वाले नवीन दलाल के घर पर मौजूद उसकी दादा ज्ञानो देवी ने बताया कि पिछले कई दिन से नवीन उसे जल्द घर आने की बात कहकर गया था, लेकिन नहीं लौटा। गोरक्षक के तौर पर काम करने वाला 26 वर्षीय नवीन दलाल रोहतक के आल इंडिया जट्ट हीरोस मैमोरियल कालेज रोहतक से बीए पास है।
दिल्ली पुलिस ने मंदोती गांव में भी नवीन के घर पूछताछ की थी और आस पास के लोगों से भी नवीन के बारे में पूछा था। वहीं पुलिस के एक आला अधिकारी ने बताया कि ये सारा मामला ही पब्लिसिटी स्टंट का है। पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की मौत के चलते आरोपियों को इतनी पब्लिसिटी नहीं मिल पाई।