इमरान खान के प्रधानमंत्री पद के शपथ ग्रहण समारोह में हिस्सा लेने के लिए पंजाब के स्थानीय निकाय मंत्री व पूर्व क्रिकेटर नवजोत सिंह सिद्धू शुक्रवार को पाकिस्तान रवाना हो गए। वह वाघा बार्डर के रास्ते दोपहर बाद लाहौर के लिए रवाना हुए। वहां से सिद्धू इस्लामाबाद फ्लाइट से जाएंगे। वह इमरान को तोहफे के रूप में पश्मीने का शॉल भेंट लेकर गए है। सिद्धू के पास 15 दिनों का वीजा है। सिद्धू ने इसके लिए वीजा प्रक्रिया काफी दिन पहले से शुरू कर दी थी।
सिद्धू पहले दिन से ही कह रहे थे कि वह पाकिस्तान जाएंगे। इमरान खान ने अपने पुराने दोस्त सुनील गावस्कर, कपिल देव व नवजोत सिंह सिद्धू को शपथ ग्रहण समारोह में हिस्सा लेने का न्योता दिया था। गावस्कर व कपिलदेव ने पाकिस्तान जाने से मना कर दिया था ।
फोन कर इमरान ने दिया था न्यौता
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री के रूप में शपथ लेने जा रहे पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ के चेयरमैन इमरान खान की ओर से शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होने के लिए पूर्व क्रिकेटर और पंजाब के कैबिनेट मंत्री नवजोत सिंह सिद्धू को निमंत्रण पत्र भेजा गया था। इसके लिए इमरान खान ने सिद्धू को निजी तौर पर फोन करके समारोह में आने का न्योता भी दिया था। सिद्धू ने यह न्योता कबूल भी किया और पाकिस्तान के लिए रवाना भी हो गए हैं।
22 साल पहले सियासी पिच पर उतरे, जेल भी गए
इमरान खान
5 अक्टूबर 1952 को लाहौर के एक रईस परिवार में जन्में इमरान ने 16 साल की उम्र में फर्स्ट क्लास क्रिकेट से करियर की शुरुआत की थी। उन्होंने 1971 में इंग्लैंड के खिलाफ टेस्ट डेब्यू किया और 1974 में वन डेब्यू किया। इमरान ने 25 मार्च, 1992 को आखिरी वन डे भी इंग्लैंड के खिलाफ खेला।
लंदन की ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी से 1975 में स्नातक इमरान क्रिकेट के हर संस्करण से संन्यास लेने के बाद 1996 में पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ पार्टी बनाकर सियासी पिच पर उतरे। हालांकि, 1997 में वह पहला चुनाव हार गए। 2002 के चुनाव में भी पीटीआई से सिर्फ इमरान ही जीते। तत्कालीन राष्ट्रपति परवेज मुशर्रफ के आपातकाल की घोषणा के बाद नवंबर, 2007 में वह जेल भी गए। उन्होंने 2008 के चुनावों का बहिष्कार किया। 2009 में तत्कालीन आसिफ अली जरदारी सरकार ने उन्हें घर में नजरबंद कर दिया।
‘नया पाकिस्तान’ का नारा दिया, शरीफ-भुट्टो के खिलाफ किया प्रचार
Imran Khan
इमरान ने 2013 में ‘नया पाकिस्तान’ का नारा दिया। इसके बाद पूरे देश में शरीफ और भुट्टो परिवार के खिलाफ आक्रामक प्रचार किया। पनामा लीक्स स्कैंडल में नाम आने पर नवाज शरीफ और उनकी पार्टी पीएमएल-एन पर जमकर हमले किए। उनके भ्रष्षचार विराधी आंदोलन के चलते नवाज को पीएम की कुर्सी छोड़नी पड़ी। वह और उनकी बेटी मरियम जेल में हैं। इमरान ने स्वच्छ सरकार, भ्रष्टाचार विरोधी कानून, स्वतंत्र नयायपालिका, दुरुस्त पुलिस व्यवस्था और आतंकवाद विरोधी पाकिस्तान पर जोर दिया।
तीसरी पत्नी ने बताया था, बनेंगे पीएम
इमरान ने दूसरी बेगम रेहम खान से तलाक के बाद फरवरी, 2018 में अपनी धार्मिक गुरु बुशरा मानेका से तीसरी शादी की। इमरान राजनीति से लेकर निजी जीवन के सभी फैसले बुशरा की सलाह पर ही लेते हैं। जनवरी, 2018 में बुशरा ने इमरान को बताया था कि तीसरी शादी करने के बाद ही वह पाकिस्तान के प्रधानमंत्री बनेंगे।