जहरीली शराब के कारण मरने वालों का आंकड़ा लगातार बढ़ता जा रहा है। गांव पंडोरी गोला के सरपंच भगवान सिंह के भाई खजान सिंह की भी जहरीली शराब के सेवन से मृत्यु हो गई। इस गांव में पहले भी जहरीली शराब के कारण 4 मौत हो चुकी हैं। भाई की मौत से आहत सरपंच भगवान सिंह ने बताया कि पंजाब में और खासकर तरनतारन में नशे की सप्लाई लॉकडाउन के दौरान भी होती रही। पुलिस को हर प्रकार की सूचना और शिकायत होने के बावजूद पुलिस कार्रवाई से कतराती रही।
पंडोरी गोला में जहरीली शराब के सेवन से मृत्यु का ग्रास बने खजान सिंह की बहू सुखबीर कौर ने कहा कि उसका ससुर वर्षों से शराब पीता था। उसे यह तो मालूम है कि किन-किन गांव में अवैध शराब का धंधा होता है लेकिन यह धंधा कौन करता है इसकी जानकारी उसे नहीं है। पुलिस की बड़ी लापरवाही का नतीजा यह निकला के जिला तरनतारन के लगभग 9 गांव में जहरीली शराब का सेवन करने से 62 लोगों की मृत्यु हो चुकी है।
वहीं तरनतारन में शराब ठेकेदारों ने भी पुलिस पर आरोप लगाए कि पुलिस को अवैध शराब बेचने वालों के नाम और शिकायत देने के बावजूद पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। शराब व्यवसायी संजीव कुमार का कहना है कि अब जब जहरीली शराब पीने से मरने वालों की संख्या बढ़ती जा रही है तो पुलिस उनसे अवैध शराब बेचने वालों के बारे में पूछताछ करने में लगी है जबकि इसके बारे में वह पहले से ही पुलिस को बता चुके हैं।
दूसरी तरफ मृतकों की संख्या बढ़ने से सिविल अस्पताल के शवगृह में शव रखने के लिए कैंडी भी उपलब्ध नहीं हो पाई। गांव भुल्लर के मृतक प्रकाश सिंह की भाभी कंवलदीप कौर ने आरोप लगाया कि सेहत विभाग के पास शव रखने के लिए कैंडिया तक नहीं थी। अस्पताल के कर्मचारियों ने मृतकों के परिजनों से 200-200 रुपये एकत्रित कर रात को बर्फ मंगवाई। एसएसपी धुर्मन एच निंबले ने दावा किया कि पुलिस ने जहरीली शराब बेचने वाले चार आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया है।
पुलिस ने अब तक कश्मीर सिंह निवासी पंडोरी गोला और अंग्रेज सिंह निवासी पंडोरी गोला को 20 लीटर अल्कोहल और बिना नंबर की इनोवा कार के साथ गिरफ्तार किया है। पुलिस ने इन आरोपियों पर धारा 304, 307, 328 और 120 बी के अंतर्गत केस दर्ज किया है।