पाजी! शराब पीने के पौने घंटे के बाद मेरे दिल में दर्द उठा। ऐसा महसूस हुआ कि दिल को कोई खींच रहा है। घर वालों ने बाबा बकाला सिविल अस्पताल में दाखिल करवाया। बाद में मुझे डेरा ब्यास अस्पताल में ले जाया गया। वहां से डॉक्टरों ने शाम को छुट्टी दे दी। घर लौटते समय रास्ते में कई उल्टियां आई।
शरीर अब भी ठीक महसूस नहीं कर रहा। यह दर्द गांव मुछल के दलबीर सिंह का है। बलविंदर कौर के घर में शराब की तीन प्याली पीने के बाद बीमार पड़े दलबीर सिंह के चेहरे पर जहरीली शराब पीने के दिख रहे प्रभाव के बावजूद अस्पताल ने उसे घर भेज दिया। वह न तो ठीक से बात कर पा रहा था और न ही बैठ पा रहा है।
गांव में अपने घर के बाहर बैठे दलबीर सिंह ने कहा कि जहर बेचने वाली इस औरत ने मेरे बड़े भाई की भी जान ले ली। भाई शराब पी कर घर आया था। गर्मी के कारण वह नहाया। थोड़ी देर बाद उसकी तबियत बिगड़ गई। अस्पताल जाते ही उसकी मौत हो गई। यह कह कर दलबीर रोने लगा।
बलविंदर कौर के घर जाकर कितने साल से शराब पी रहे हैं, इस पर दलबीर ने बताया कि कई साल से वह प्याली पीने के लिए उसके घर जाता रहा है। यह पहली बार है जब उसकी शराब से शरीर को बेचैनी हुई। भाई को खोने और मौत के मुंह से लौटे दलबीर सिंह ने अब शराब से तौबा कर ली है।
उसने आरोप लगाया कि गांव में कई साल से अवैध शराब बेचने वाली बलविंदर कौर के विरुद्ध पुलिस ने कभी कोई कार्रवाई नहीं की। गांव में हुई मौतों की जिम्मेदार बलविंदर कौर है।