फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

पंजाब में जहरीली शराब पीने से मौत, मिथाइल अल्कोहल में ओक्सीटोसिन मिलाकर बेचे जाने की आशंका

Sat, 01 Aug 2020 01:20 PM IST
खुशबू गोयल सुरिंदर पाल, जालंधर
विज्ञापन
फाइल फोटो
विज्ञापन
सामान्य शराब एथाइल अल्कोहल होती है जबकि जहरीली शराब मिथाइल अल्कोहल कहलाती है। मेडिकल साइंस कहती है कि कोई भी अल्कोहल शरीर में लीवर के जरिए एल्डिहाइड में बदल जाती है लेकिन मिथाइल अल्कोहल फॉर्मेल्डाइड नामक जहर में बदल जाती है। ये जहर सबसे ज्यादा आंखों पर असर करता है। अंधापन इसका पहला लक्षण है।
विज्ञापन


अगर किसी ने बहुत ज्यादा शराब पी ली है तो इससे फॉर्मिक एसिड नाम का जहरीला पदार्थ शरीर में बनने लगता है। ये दिमाग के काम करने की प्रक्रिया पर असर डालता है। आशंका है कि अमृतसर, तरनतारन व बटाला में जहरीली शराब मिथाइल अल्कोहल थी और इसको अधिक नशीला बनाने के लिए इसमें भैंस को दूध के लिए देने वाले इंजेक्शन ओक्सीटोसीन मिलाए हो सकते हैं।

हालांकि सारी तस्वीर मृतकों की विसरा की फोरेंसिक जांच में साफ होगी लेकिन इतना तय है कि देसी शराब मिथाइल अल्कोहल थी। ऐसा भी नहीं है कि देसी शराब बनाने, बेचने और पिलाने का धंधा नया है और देसी शराब के कारोबार में जहर का कहर पहली बार टूटा है। जालंधर व लुधियाना के अलावा ब्यास दरिया के आसपास तस्करों ने अवैध शराब की भट्ठियां तैयार कर रखी हैं।
विज्ञापन


देसी शराब जिसे आम बोलचाल की भाषा में कच्ची दारू भी कहते हैं, का रासायनिक सच बहुत ही साधारण सा है। कच्ची शराब को अधिक नशीली बनाने के चक्कर में ही ये जहरीली हो जाती हैं।
विज्ञापन

अधिक नशीला बनाने के लिए ओक्सीटोसीन इंजेक्शन मिला देते हैं

तस्करों के पास कोई लैबोरेटरी नहीं होती जो एथाइल अल्कोहल और मिथाइल अल्कोहल में अंतर को देख सके। सामान्यत: इसे गुड़, शीरा से तैयार किया जाता है पर कई बार इसमें यूरिया और बेसरमबेल की पत्तियां डाल दी जाती हैं ताकि इसका नशा तेज और टिकाऊ हो जाए। जब कच्ची दारू तैयार हो जाती है तो तस्कर इसको अधिक नशीला बनाने के लिए ओक्सीटोसीन इंजेक्शन मिला देते हैं।

मिथेनॉल केमिस्ट्री की दुनिया का सबसे सरल अल्कोहल है। सामान्य ताप पर ये लिक्विड रूप में होता है। इसका इस्तेमाल एंटीफ़्रीजर (फ्रीजिंग प्वाइंट कम करने के लिए किसी कूलिंग सिस्टम में पानी के साथ मिलाया जाने वाला लिक्विड) के तौर पर, दूसरे पदार्थों का घोल तैयार करने के काम में और ईंधन के रूप में होता है।

देसी शराब में मिथेनॉल की मात्रा अधिक होना हार्ट पर अटैक करता है
हार्ट रोग विशेषज्ञ डॉ. धीरज भाटिया कहते हैं कि जब देसी शराब में मिथेनॉल की मात्रा अधिक हो जाती है तो वह जहरीली शराब बन जाती है। मिथेनॉल सीधा दिल पर असर करता है और उसे फेल कर देता है। इसलिए जहरीली शराब पीने वालों की मौत हार्ट अटैक से अधिक होती है।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें