दूसरी ओर, विपक्षी दलों ने भी मुख्यमंत्री के कोविड के खिलाफ कदमों को नाकाफी बताते हुए सवालों की झड़ी लगा दी है। शिरोमणि अकाली दल (शिअद) के सीनियर उपाध्यक्ष डॉ. दलजीत सिंह चीमा ने कहा कि कांग्रेस सरकार अपनी नाकामियों पर पर्दा डालने और अपने खराब प्रशासन के खिलाफ लोगों में उभर रहे रोष को रोकने के लिए एकतरफा फैसले ले रही है।
उन्होंने कहा कि इस मुश्किल घड़ी में सरकार को लोगों के जीवन और रोजी-रोटी में संतुलन कायम करने के लिए कदम उठाने चाहिए। वीकेंड के लॉकडाउन और नाइट कर्फ्यू पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए डॉ. चीमा ने कहा कि ऐसी बंदिशों का कोई फायदा नहीं होगा क्योंकि जैसे ही बाजार खुलेंगे, भीड़ ओर बढ़ जाएगी, जो कोरोना के प्रसार के लिए घातक होगा। उन्होंने कहा कि सरकार को आम लोगों की मदद के लिए वित्तीय पैकेज की घोषणा करनी चाहिए।
अकाली दल टकसाली के नेता करनैल सिंह पीर मुहम्मद ने कहा कि सरकार यह समझ नहीं पा रही कि ऐसे हालात में क्या किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि सरकार की अपनी वित्तीय हालत तो बिगड़ी ही है, ऐसे फैसलों से आम लोगों की वित्तीय हालत पर भी और बुरा असर पड़ेगा।
आम आदमी पार्टी के नेता हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि कोरोना को फैलने से रोकने के लिए राज्य सरकार द्वारा उठाए जा रहे कदम निराश और हैरान करने वाले हैं। उन्होंने कहा कि वीकेंड लॉकडाउन और नाइट कर्फ्यू जैसे फैसले किसी भी तर्क और मापदंड पर खरे नहीं उतर रहे।