नेतृत्व बदलने की मांग को अस्वीकार्य बताते हुए कैप्टन ने कहा कि गांधी परिवार का देश की तरक्की में, आजादी की लड़ाई से लेकर अब तक अथाह योगदान है। कांग्रेस को ऐसे नेतृत्व की जरूरत है जो थोड़े से लोगों के लिए ही नहीं बल्कि पार्टी के सभी कॉडर को स्वीकार हो। इस भूमिका में गांधी ही खरे उतरते हैं। कांग्रेस में मौजूदा समय में ऐसा कोई नेता नहीं है जो पार्टी को इस तरह का मजबूत नेतृत्व दे सके। उन्होंने कहा कि सोनिया गांधी जब तक चाहें कांग्रेस का नेतृत्व करें और उसके बाद राहुल गांधी कमान संभालें और वह पार्टी का नेतृत्व करने में पूरी तरह समर्थ हैं।
चुनावी हार नेतृत्व परिवर्तन का पैमाना नहीं
कैप्टन मुख्यमंत्री ने कहा कि चुनावी हार कभी भी नेतृत्व परिवर्तन का पैमाना नहीं होता। उन्होंने कहा कि इस समय कांग्रेस नीचे की ओर है, इसका मतलब यह नहीं कि गांधी परिवार के पार्टी को ऊपर उठाने के योगदान को भुला दिया जाए। भाजपा दो पार्लियामेंट सीटों से देश का नेतृत्व करने वाली पार्टी बनी है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस भी फिर से उठेगी और यह सिर्फ गांधी की लीडरशिप में ही संभव होगा।
पार्टी के 23 वरिष्ठ नेताओं ने सोनिया गांधी को लिखा खत
देश की सबसे पुरानी पार्टी कांग्रेस में युवा नेताओं के बागी तेवरों के बीच पार्टी में बदलाव की मांग तेज हो गई है। पार्टी के 23 वरिष्ठ नेताओं ने सोनिया गांधी को पत्र लिखा है जिसमें ऊपर से लेकर नीचे तक बदलाव की मांग की गई है। यह खत पांच पूर्व मुख्यमंत्रियों, कांग्रेस कार्यसमिति (सीडब्ल्यूसी) के सदस्य, सांसद और एक दर्जन से अधिक पूर्व केंद्रीय मंत्रियों ने लिखा है।
इसी बीच सोमवार सुबह 11 बजे सीडब्ल्यूसी की बैठक होनी है। माना जा रहा है कि इसमें कई नेता अपने विचार व्यक्त करेंगे। सूत्रों का कहना है कि प्रमुख संगठनात्मक फेरबदल की योजना बनाई जा रही है। ऐसे में कांग्रेस के नेताओं, खासतौर से वरिष्ठों के लिए अपनी आलोचना को बंद करवाना मुश्किल होगा। पत्र को कई लोग नेहरू-गांधी परिवार के लिए एक बड़े झटके के तौर पर देख रहे हैं जो समकालीन कांग्रेस के इतिहास में एक असामान्य कदम है।