किट की जांच रिपोर्ट 15 से 20 मिनट में मिल जाती है, जबकि आरटीपीसीआर की रिपोर्ट आने में 2 से 10 दिन का समय लगता है। यहां मरीजों का नमूना लेकर उसे पीजीआई भेज दिया जाता है। नमूना लेने के बाद मरीजों को हिदायत दी जाती है कि जब तक रिपोर्ट न आ जाए तब तक वे खुद को आइसोलेट रखें। वहीं, गंभीर मरीजों को अस्पताल में भर्ती कर लिया जाता है।
निजी लैब की रिपोर्ट भी आती है अस्पताल में
शहर में अलग-अलग स्थानों पर निजी लैब में किए जा रहे हैं। कोरोना जांच की रिपोर्ट भी मरीजों तक सीधे पहुंचने की बजाय आईडीएसपी के पास आती है। वहां से संबंधित जोन के अस्पताल में वह रिपोर्ट फॉरवर्ड कर दी जाती है। जीएमएसएच- 16 में अस्पताल के मरीजों के अलावा सेक्टर 22, सेक्टर 45, मनीमाजरा के मरीजों की रिपोर्ट आती है। जहां से संबंधित मरीजों से संपर्क कर उनके रिपोर्ट की जानकारी देकर इलाज की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाती है।
क्या कहते हैं जांच कराने आए लोग
पांच दिन से आ रहा बुखार, नहीं हो रही जांच
मुझे 5 दिनों से बुखार आ रहा है। अस्पताल की फ्लू क्लीनिक में दो बार दिखा चुका हूं,लेकिन कोरोना जांच के लिए मेरा सैंपल नहीं लिया जा रहा। हर बार यह कह कर वापस कर दिया जा रहा है कि कोई ऐसे लक्षण नहीं दिख रहे हैं जिसके आधार पर कोरोना की जांच कराई जाए। -संदीप कुमार, धनास
4 दिन पहले दिया जांच का नमूना खो गया
मैंने अपनी मां के जांच का सैंपल 4 दिन पहले दिया था। आज रिपोर्ट लेने के लिए बुलाया गया था। यहां आई तो पता चला कि नमूना खो गया है। अब दोबारा मां को यहां लाकर उनका जांच का नमूना देना पड़ेगा । इससे अच्छा था कि हम कहीं प्राइवेट में ही जांच करा लेते हैं। -अंजू सिंह, इंडस्ट्रियल एरिया फेज- 1
मरीजों की अनदेखी से बढ़ रहा कोरोना
फ्लू क्लीनिक में भीड़ को नियंत्रित करने की कोई व्यवस्था नहीं है। लोग सामाजिक दूरी की अनदेखी कर एक दूसरे के पास खड़े रहते हैं। इसे लेकर अस्पताल प्रशासन भी अनदेखी कर रहा है। मरीजों की तेजी से बढ़ती संख्या इस अनदेखी का ही नतीजा है। -अमर सिंह, मलोया
लोगों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए फ्लू क्लीनिक और अन्य सम्बंधित यूनिट में सभी व्यवस्था की गई है। अगर किसी को कही असुविधा हो रही है तो वो इसकी शिकायत कर सकता है। डॉ वीके नागपाल, मेडिकल सुपरिटेंडेंट, जीएमएसएच 16