सेक्टर 26 होल मंडी कारोबारी कस्तूरी लाल का कहना है कि बारिश के मौसम में सब्जियों की पैदावार पर असर पड़ता है। इसकी वजह से मांग और आपूर्ति का समीकरण बिगड़ जाता है। ऐसे में सब्जियां महंगी हो रही है।
बारिश के बाद चंडीगढ़ में सब्जियों के रेट आसमान छूने लगे है। टमाटर से लेकर हरी मिर्च और धनिया समेत ज्यादातर सब्जियां दो से तीन गुना तक महंगी हो गई है।
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सेक्टर 26 होल मंडी कारोबारी कस्तूरी लाल का कहना है कि बारिश के मौसम में सब्जियों की पैदावार पर असर पड़ता है। इसकी वजह से मांग और आपूर्ति का समीकरण बिगड़ जाता है। ऐसे में सब्जियां महंगी हो रही है। इसके अलावा कई बार खराब मौसम की वजह से माल आने में समय लग जाता है। उस दौरान भी सब्जियां महंगी हो जाती है। होलसेल से लोकल में आते-आते इन सब्जियों के दाम और ज्यादा बढ़ जाते है। 100 रुपये किलो वाला धनिया 300 से 400 रुपये तक महंगा हो जाता है।
बारिश के मौसम में माल खराब हो जाता है
टमाटर समेत कई सब्जियां बारिश और उमस की वजह से खराब होती है। उदाहरण के तौर पर एक कैरेट टमाटर (25 किलो ) में कई बार तीन से पांच किलो तक माल खराब हो जाता है। ऐसे में लागत निकालने के लिए कारोबारी रेट महंगा कर देते है।
रेट
सब्जियां रेट पहले मौजूदा रेट
आलू 10 से 12 15
परवल 25 से 32 35 से 40
भिंडी 15 से 20 30 से 35
नींबू 100 30 से 35
लौकी 12 20
हरी मिर्च 20 से 25 50 से 60
धनिया 20 से 25 100
मटर 50 80 से 90
गोभी 30 से 35 50 से 55
तरौई 20 से 22 35 से 40
करेला 25 32 से 35
पालक 500 पल्ला 700 पल्ला
लहसून 80 से 100 50 से 60
अदरक 40 से 45 40 से 50
टमाटर 12 से 24 20 से 36