पंजाब के पीसीएस अधिकारी शनिवार 14 जनवरी और रविवार 15 जनवरी को अपने कार्यालयों में उपस्थित रहेंगे। पंजाब सिविल सर्विसेज आफिसर्स एसोसिएशन ने पीसीएस अधिकारियों के सामूहिक अवकाश के कारण आम लोगों को हुई परेशानी को देखते हुए यह फैसला लिया है।
एसोसिएशन के अध्यक्ष रजत ओबराय ने लोहड़ी के मौके पर जारी पत्र में कहा गया है कि लोगों को हुई परेशानी को ध्यान में रखते हुए फैसला लिया गया है कि उसके सभी सदस्य शनिवार और रविवार को अपने कार्यालय संभालेंगे और लंबित कार्यों को पूरा करेंगे। पत्र में रजत ओबेराय ने दावा किया है कि मुख्यमंत्री के साथ हुई बैठक में फैसला लिया गया था कि एसोसिएशन की मांगों को यथारूप स्वीकार किया जाएगा। इसके अलावा, 10 जनवरी को मुख्यमंत्री के अतिरिक्त मुख्य सचिव के साथ हुई बैठक में समाधान के तरीकों के बारे में निर्णय लिया गया था और 11 जनवरी को हुई बैठक इन उपायों के तरीके को अंतिम रूप देने के लिए बुलाई थी।
रजत ओबेराय ने लिखा कि यह स्पष्ट किया जाता है कि सरकार ने सभी मांगों को मान लिया है और न्याय के हित में मुद्दों के समाधान में सहयोग के लिए एसोसिएशन मुख्यमंत्री भगवंत मान की आभारी है। इसके साथ ही उन्होंने समर्थन देने वाले सभी संगठनों का धन्यवाद किया।
गौरतलब है कि लुधियाना के आरटीए नरिंदर सिंह धालीवाल को भ्रष्टाचार के मामले में विजिलेंस ब्यूरो ने गिरफ्तार किया। इसके विरोध में पंजाब के पीसीएस अधिकारी सोमवार को सामूहिक अवकाश पर चले गए थे। बुधवार को राज्य सरकार ने पीसीएस अधिकारियों के इस कदम को गैरकानूनी करार दिया और मुख्यमंत्री ने सभी अफसरों को दोपहर दो बजे तक काम पर लौटने या नियमबद्ध कड़ी कार्रवाई का सामना करने की चेतावनी दी। इसके बाद पीसीएस आफिसर्स एसोसिएशन ने मुख्यमंत्री के साथ बैठक कर सामूहिक अवकाश का फैसला वापस ले लिया था। एसोसिएशन धालीवाल की बिना शर्त रिहाई के अलावा उनके खिलाफ दर्ज एफआईआर रद्द करने की मांग कर रही थी, जिसे मुख्यमंत्री ने ठुकरा दिया था।