घटना वाले दिन 14 अक्तूबर 2015 को कोटकपूरा के मुख्य चौक में सिख जत्थेबंदियों के रोष धरने पर बल प्रयोग किया गया था जिसमें कई लोग गंभीर रूप से घायल हुए थे लेकिन पुलिस ने घायलों के बयान पर कोई केस दर्ज नहीं किया था।
बाद में आयोग की रिपोर्ट और पंजाब सरकार के आदेश पर पुलिस ने कोटकपूरा की घटना में गोली लगने से घायल हुए बरनाला निवासी अजीत सिंह के बयान पर धारा 307, 323, 341,148,149 और आर्म्स एक्ट की धारा 27, 54, 59 के तहत दर्ज हुआ था। फिर इस केस की जांच एसआईटी के हवाले कर दी गई। सबसे पहले तत्कालीन पुलिस कमिश्नर लुधियाना और आईजी परमराज सिंह उमरानंगल को गिरफ्तार किया गया था।
बाद में बहिबल कलां गोलीकांड में गिरफ्तार मोगा के पूर्व एसएसपी चरणजीत सिंह शर्मा की भी कोटकपूरा गोलीकांड मामले में गिरफ्तारी की गई। अपनी जांच के आधार पर एसआईटी ने कोटकपूरा से पूर्व विधायक मनतार सिंह बराड़ को भी नामजद किया लेकिन गिरफ्तारी से पहले ही मनतार सिंह बराड़ ने हाईकोर्ट में याचिका दायर करके केस में अंतरिम जमानत हासिल कर ली।
सूत्रों के अनुसार सोमवार को एसआईटी द्वारा अदालत में दायर चालान में आरोपियों की सूची में परमराज सिंह उमरानंगल, चरणजीत सिंह शर्मा और मनतार सिंह बराड़ के अलावा तीन और पुलिस अधिकारियों तत्कालीन एडीसीपी लुधियाना परमजीत सिंह पन्नू, तत्कालीन डीएसपी कोटकपूरा बलजीत सिंह और तत्कालीन थाना सिटी प्रभारी गुरदीप सिंह को भी शामिल किया गया है। सूत्रों के मुताबिक आईजी कुंवर विजय प्रताप सिंह द्वारा एक दो दिन में एसआईटी के फरीदकोट स्थित कैंप आफिस में पहुंच कर जांच का काम आगे बढ़ाया जाएगा।