हरियाणा में अब सरकारी गाड़ी के निजी इस्तेमाल पर अफसरों को जेब ढीली करनी पड़ेगी। हालांकि सरकारी वाहन से निजी कार्यक्रमों व घर से ऑफिस आने के लिए एक हजार किमी तक की छूट दी गई है। लेकिन इसके लिए एक हजार रुपये का भुगतान प्रतिमाह करना पड़ेगा। यह फैसला प्रशासनिक सचिवों, बोर्ड निगमों के प्रबंध निदेशकों, विभागाध्यक्षों समेत अन्य वरिष्ठ अधिकारियों पर लागू होगा। खास बात यह है कि इस नियम के दायरे में मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव, उपप्रधान सचिव, ओएसडी और अतिरिक्त प्रधान सचिव भी शामिल हैं। हरियाणा सरकार ने यह दिशा-निर्देश बुधवार को जारी किए हैं।
मुख्य सचिव ने दी लिखित हिदायत
यात्रा खर्च की वसूली में किसी भी अधिकारी को छूट मिलने की उम्मीद नहीं है। मुख्य सचिव डीएस ढेसी ने इस संबंध में प्रशासनिक सचिवों, विभागाध्यक्षों, मंडलायुक्त, हाईकोर्ट के रजिस्ट्रार, बोर्ड-निगमों के प्रबंध निदेशक और जिला उपायुक्त व एसडीएम को लिखित तौर पर निर्देश दिए हैं। खबरों की माने तो अफसरों के अक्टूबर और नवंबर में हुए यात्रा खर्च को काटने के बाद दिसंबर में सैलरी दी जाएगी। मुख्य सचिव ने तत्काल प्रभाव से नियम का पालन करने का निर्देश दिया है।