इसको देखते हुए राज्य के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री बलबीर सिंह सिद्धू ने सभी ओट क्लीनिक और नशा मुक्ति केंद्रों के खोलने का समय सुबह 8 बजे करके नए रजिस्ट्रेशन के लिए अलग काउंटर लगाने की हिदायत दी है। जिससे मरीजों की लंबी लाइनें न लगें। डॉ. दलजीत सिंह ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग ने नशा पीड़ितों के लिए विशेष प्रबंध किए हैं।
नशा मुक्ति केंद्रों में दवाई देते समय सामाजिक दूरी का खास ध्यान रखा जा रहा है और मरीजों को इस बारे में जागरूक किया जा रहा है। मरीजों को समझाया जा रहा है कि उन्हें बुखार, सूखी खांसी या सांस लेने में मुश्किल आती है तो तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में जाएं या फिर विभाग की हेल्पलाइन नंबर-104 पर संपर्क करें।
अब घर ले जा सकते हैं 21 दिन की दवा
डॉ. दलजीत सिंह ने बताया कि इलाज सेवाएं न मिलने की सूरत में मरीज के इलाज छोड़ने की संभावना रहती है। जो कि मरीज के लिए घातक हो सकता है। ऐसे में अब घर ले जाने के लिए दवाई की अवधि 21 दिन तक कर दी गई है। हालांकि यह दवा मनोरोग विशेषज्ञों की सलाह पर ही मरीज को दी जाती है।
अभी जिले में तीन मनोरोग विशेषज्ञ डॉ. पूजा गर्ग, डॉ. गुरमुख सिंह और डॉ. नितिन सेठी सेवाएं दे रहे हैं। बता दें कि मनोरोग विशेषज्ञ डॉक्टर और काउंसलर कोविड-19 मरीजों, क्वारंटीन किए लोगों और प्रवासी मजदूरों का लगातार हौंसला बढ़ा रहे हैं।