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Chandigarh News: रायपुररानी सीएचसी में मरीजों को जल्द मिलेगी क्यूआर कोड से पंजीकरण की सुविधा

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रायपुररानी। रायपुररानी के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) में मरीजों को पंजीकरण के लिए लंबी प्रतीक्षा से राहत दिलाने के लिए जल्द ही क्यूआर कोड आधारित रजिस्ट्रेशन प्रणाली लागू की जाएगी। इसके अलावा अस्पताल में एंटी-रेबीज वैक्सीन, सांप के काटने पर दी जाने वाली दवा और अन्य जरूरी दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ. सुमिता मिश्रा ने बुधवार को सीएचसी और रायपुररानी तहसील कार्यालय का औचक निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने अस्पताल में सफाई व्यवस्था पर असंतोष जताया और मरीजों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। इस दौरान डीसी सतपाल शर्मा भी उनके साथ मौजूद रहे।
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सफाई में कमी पर जताई नाराजगी
सीएचसी में निरीक्षण के दौरान डॉ. सुमिता मिश्रा ने मरीजों से बातचीत कर उपचार और सुविधाओं के बारे में फीडबैक लिया। उन्होंने अस्पताल में नियमित सफाई, कचरे के उचित निस्तारण और शौचालयों की साफ-सफाई सुनिश्चित करने को कहा। सफाई कर्मचारियों की ड्यूटी रोटेशन के आधार पर लगाने के निर्देश भी दिए, ताकि अस्पताल परिसर में स्वच्छता बनी रहे। उन्होंने कहा कि सरकारी अस्पतालों में मरीजों को निजी अस्पतालों के समान गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं और बेहतर सुविधाएं मिलनी चाहिए।

जरूरी दवाओं का पर्याप्त स्टॉक रखने के निर्देश
फार्मेसी के निरीक्षण के दौरान उन्होंने दवाओं की उपलब्धता की समीक्षा की। मरीजों ने बताया कि अस्पताल में दवाएं मिल रही हैं। इस पर उन्होंने अधिकारियों को एंटी-रेबीज वैक्सीन, एंटी-स्नेक वेनम, हीमोग्लोबिन जांच स्ट्रिप्स, आयरन, फोलिक एसिड और कैल्शियम सप्लीमेंट का पर्याप्त स्टॉक रखने के निर्देश दिए। इमरजेंसी वार्ड में मरीजों को तत्काल चिकित्सा सहायता और उचित निगरानी उपलब्ध कराने पर भी जोर दिया। उन्होंने माताओं और नवजातों की उचित देखभाल, जरूरी परामर्श और परिवार नियोजन के प्रति जागरूकता बढ़ाने के निर्देश दिए।
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150 टीबी मरीजों में 50 से 60 को मिल रही पोषण सहायता
सीएचसी में करीब 150 टीबी मरीज पंजीकृत हैं, लेकिन इनमें से फिलहाल 50 से 60 मरीजों को ही पोषण संबंधी सहायता मिल रही है। अधिकारियों ने बताया कि प्रसवोत्तर महिलाओं को पोषण सहायता देने के लिए भी बजट सीमित है। तीन दिन के आहार के लिए महज 100 रुपये उपलब्ध हैं।
डॉ. मिश्रा ने आश्वासन दिया कि पर्याप्त पोषण सहायता से जुड़े मामले में आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने मरीजों के नियमित फॉलो-अप और सहायता के लिए निक्षय मित्रों की भागीदारी बढ़ाने को कहा।

तहसील में लंबित म्यूटेशन मामलों के निपटारे के निर्देश
रायपुररानी तहसील कार्यालय में डॉ. मिश्रा ने संपत्ति पंजीकरण, लंबित म्यूटेशन मामलों और पुराने राजस्व रिकॉर्ड की समीक्षा की। उन्होंने लंबित मामलों का निर्धारित समय-सीमा में निपटारा करने और सब-रजिस्ट्रार के हस्ताक्षर के लिए रुके दस्तावेजों पर तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए। इंटरनेट और बिजली की निर्बाध आपूर्ति, रिकॉर्ड के व्यवस्थित संरक्षण, शिकायतों के समाधान और कार्यालय में साफ-सफाई बनाए रखने को भी कहा।
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