विष्णु शर्मा कांग्रेस में शामिल
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विधानसभा चुनाव में पटियाला से कैप्टन अमरिंदर सिंह के खिलाफ अब पूर्व मेयर विष्णु शर्मा ताल ठोक सकते हैं। सोमवार को नवजोत सिंह सिद्धू की हाजिरी में अकाली दल को छोड़कर विष्णु शर्मा ने कांग्रेस का दामन थाम लिया। कैप्टन और परनीत कौर के विरोधी रहे विष्णु शर्मा की पटियाला शहर सीट से टिकट लगभग पक्का माना जा रहा है। इसकी औपचारिक घोषणा जल्द हो सकती है। इस मौके पर सिद्धू ने कहा कि विष्णु शर्मा के आने से पार्टी को पटियाला में मजबूती मिलेगी। विष्णु शर्मा ने कहा कि वह सिद्धू के पंजाब मॉडल व सीएम चरणजीत सिंह चन्नी के कामों से प्रभावित होकर घर वापसी कर रहे हैं।
कैप्टन सरकार में 2002 से 2007 तक रहे पटियाला के महापौर
विष्णु शर्मा साल 2002 से 2007 तक पंजाब में कैप्टन सरकार में पटियाला नगर निगम के महापौर रहे। वर्ष 2012 में वह सुखबीर बादल की अगुवाई में अकाली दल में शामिल हो गए थे। तब से वह अकाली दल में थे।
आने वाले विधानसभा चुनाव में विष्णु शर्मा पार्टी से पटियाला देहात से टिकट के चाहवान थे। पूर्व अकाली मंत्री सुरजीत सिंह रखड़ा के करीबी माने जाने वाले जसपाल सिंह बिट्टू चट्ठा को पार्टी ने इस सीट से टिकट दे दिया। जिसके बाद से विष्णु शर्मा नाराज थे और कांग्रेस ने कैप्टन के विरोधी रहे विष्णु शर्मा को पार्टी में दोबारा शामिल कर लिया है।
कैप्टन को अपने पूर्व साथियों से मिलेगी टक्कर
इस बार के विधानसभा चुनाव में कैप्टन का गढ़ माने जाने वाले पटियाला जिले में मुकाबला दिलचस्प रहने की उम्मीद है। कैप्टन अमरिंदर सिंह को विभिन्न विधानसभा सीटों में अपने ही पूर्व साथियों से चुनौती मिलेगी। खास तौर से पटियाला शहर सीट पर तो अब पूर्व महापौर विष्णु शर्मा को उतारा जाना लगभग तय माना जा रहा है।
आम आदमी पार्टी से अकाली दल के पूर्व मेयर और पूर्व अकाली मंत्री सुरजीत सिंह कोहली के बेटे अजीतपाल सिंह कोहली मैदान में हैं। पटियाला से टिकट न मिलने से नाराज अजीतपाल सिंह कोहली ने अकाली दल छोड़ दी। ज्वाइन करते ही आप ने उनकी ख्वाहिश को पूरा कर दिया। अकाली दल की तरफ से हरपाल जुनेजा मैदान में हैं, जो जिला अकाली दल शहरी के प्रधान हैं। हरपाल के पिता भगवान दास जुनेजा जाने-माने समाज सेवक हैं।