चंडीगढ़। सैंड बोआ नस्ल के दुर्लभ दोमुंहा सांप को बेचने की फिराक में घूम रहे एक व्यक्ति को पुलिस ने सेक्टर-23 स्थित सरकारी स्कूल के पास से गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने ग्राहक बनकर आरोपी को दबोचा। आरोपी सांप के 15 लाख रुपये मांग रहा था। अंतरराष्ट्रीय बाजार में इस सांप की कीमत तीन करोड़ रुपये से भी ज्यादा बताई जा रही है। सेक्टर-17 थाना पुलिस ने पठानकोट (पंजाब) के गांव सैली कुलियां निवासी रवि कुमार (41) के खिलाफ संगीन धाराओं में मामला दर्ज किया है। पुलिस ने आरोपी को वीरवार को जिला अदालत में पेश किया, जहां से उसे दो दिन के रिमांड पर भेज दिया गया।
पुलिस के मुताबिक, बुधवार रात पुलिस सेक्टर-23 स्थित सरकारी स्कूल के पास गश्त कर रही थी। इसी दौरान पुलिस को सूचना मिली कि एक व्यक्ति 15 लाख रुपये में एक दुर्लभ सांप को बेचने की फिराक में है। सूचना पर पुलिस ने सेक्टर-19 स्थित वन संरक्षण के कर्मचारी अशरफ अली को इसकी सूचना दी। इसके बाद वह भी मौके पर पहुंचे। पुलिस टीम नकली गड्डी में पांच-पांच सौ के ऊपर और नीचे नोट लगाकर आरोपी के पास ग्राहक बनकर पहुंची। इस दौरान आरोपी ने सांप से घर में खुशहाली समेत अन्य कामों में इस्तेमाल करने का लालच दिया। आरोपी ने सांप बेचने के लिए 15 लाख रुपयों की मांग की, जैसे ही ग्राहक बने पुलिसकर्मी ने नोटों की गड्डी पकड़ाई, पुलिस टीम ने आरोपी को रंगेहाथ धर दबोचा।
इसके बाद वन संरक्षण के कर्मचारी अशरफ अली ने जांच में बताया कि उक्त सांप सैंड बोआ नस्ल का है। इस सांप को अपने पास रखना, खरीदना या बेचना गैरकानूनी है। इसके बाद पुलिस आरोपी को पकड़कर सेक्टर-17 थाने ले गई, जहां उसके खिलाफ बनती धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया। फिलहाल पुलिस ने सांप को वन्य जीव विभाग को सौंप दिया है।
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पठानकोट के एक सपेरे से लिया सांप को
पुलिस पूछताछ में आरोपी रवि कुमार ने खुलासा किया कि उसने यह सांप पठानकोट में प्रेमी नामक एक सपेरे से लेकर आया है। सांप को बेचने पर रकम दोनों में आधी-आधी बंटनी थी, लेकिन उससे पहले ही वह पुलिस के हत्थे चढ़ गया। पुलिस अब प्रेमी नामक सपेरे की तलाश में जुट गई है। पुलिस की जांच सामने आया कि आरोपी रवि पठानकोट में टैक्सी चलाने का काम करता है। पुलिस अब आरोपी का पिछला रिकार्ड खंगालने में जुटी हुई है, कि उसने पहले भी कहीं सांप की तस्करी तो नहीं की थी। वहीं, पुलिस का कहना है कि आरोपी से पूछताछ की जा रही है।
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इन कामों में इस्तेमाल होता है यह सांप
यह सांप बालू के नीचे छिपा रहता है। इस वजह से इसका नाम सैंड बोआ पड़ा है। सैंड बोआ सांप की प्रजाति उत्तरी अमेरिका, अफ्रीका और एशिया के कुछ ही हिस्सों में पाई जाती है। इस सांप से मर्दाना ताकत बढ़ाने, महंगे परफ्यूम, नशीली चीजों को बनाने के अलावा कैंसर के इलाज में भी इसका इस्तेमाल होता है। सांप की यह प्रजाति चूहा, सांप, गिलहरी, खरगोश, मेंढक आदि को अपना शिकार बनाती है। कुछ लोगों का यह भी मानना है कि सैंड बोआ खुशहाली के लिए भी घर में रखा जाता है, जिससे इंसान की किस्मत बदलती है।