ऐतिहासिक शिमला कालका रेल ट्रैक पर शनिवार सुबह अपमिक्स पैसेंजर मेल का इंजन खराब हो गया। इससे रेल यातायात करीब तीन घंटे ठप रहा। करीब 400 यात्री जंगल में फंसे रहे। कालका से यह ट्रेन सुबह 8:30 बजे शिमला के लिए निकली।
धर्मपुर स्टेशन से करीब डेढ़ किमी दूर सुबह 10:00 बजे इंजन हांफ गया। सूचना मिलते ही रेल कर्मचारियों ने कंडाघाट से रेल इंजन मंगवाया। दोपहर 1:00 बजे इंजन पहुंचने के बाद यातायात बहाल हुआ।
इस दौरान कुछ यात्री रेल का इंतजार करते रहे, कुछ धर्मपुर स्टेशन तक पहुंच गए। कुछ पैदल सड़क मार्ग तक पहुंचकर टैक्सी और बसों से रवाना हुए।
कुछ ने एंजॉय किया तो कुछ ने झेली परेशानी
रेल इंजन खराब होने से कुछ पर्यटकों ने फोटोग्राफी का मजा लिया और प्राकृतिक सौंदर्य को निहारा। कुछ ने परेशानी भी झेली।
दिल्ली से हेरिटेज ट्रैक पर शिमला के लिए रवाना हुई अवंतिका और मीताली ने बताया कि ट्रेन खराब होने के बाद वे पैदल धर्मपुर स्टेशन तक पहुंचे हैं।
दीपक शर्मा और विकास ठाकुर ने कहा कि उन्हें शिमला पहुंचना था। सस्ते के चक्कर में उन्हें रेल से शिमला पहुंचना था, लेकिन रेल खराब हो गई। अतिरिक्त पैसे खर्च करके आधे रास्ते से उन्हें बस से शिमला पहुंचना पड़ेगा।
खतरे में ऐतिहासिक धरोहर
ऐतिहासिक धरोहर पर पहले ही बेतरतीब जंगलों का कटान और निर्माण का खतरा मंडरा रहा है। ऊपर से पुराने इंजन इस धरोहर को खतरे में डाल रहे हैं। इसी माह तीन बार रेल यातायात बाधित हुआ है।
16 सितंबर को पेड़ गिरने से यातायात ठप हुआ और 6 सितंबर को धर्मपुर और सनवारा के पास रेल मार्ग करीब छह घंटे बाधित रहा।
तेज तूफान और बारिश के कारण ट्रैक पर पेड़ गिरने से यातायात ठप हो गया था। इस दौरान तीन ट्रेन भी लेट हुई थी। 600 यात्रियों को परेशानी झेलनी पड़ी थी।