प्रताप सिंह बाजवा और सीएम भगवंत मान।
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पंजाब विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष प्रताप सिंह बाजवा ने मुख्यमंत्री भगवंत मान से कहा है कि वह पंजाबी गायक सिद्धू मूसेवाला की हत्या का मामला सीबीआई या एनआईए को सुपुर्द कर दें। इस संबंध में मुख्यमंत्री को लिखे पत्र में प्रताप सिंह बाजवा ने कहा कि सिद्धू मूसेवाला का परिवार हत्याकांड की जांच हाईकोर्ट के मौजूदा जज, सीबीआई या एनआईए से कराने की मांग कर रहा है।
बाजवा ने लिखा कि जहां तक मुझे जानकारी मिली है, हाईकोर्ट ने सिटिंग जज से जांच कराने की मांग ठुकरा दी है। ऐसी स्थिति में मेरा आग्रह है कि इस केस को सीबीआई या राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) को ट्रांसफर किया जा सकता है, क्योंकि इसकी कई वजह भी हैं। बाजवा ने लिखा कि राज्य सरकार द्वारा गठित एंटी गैंगस्टर टास्क फोर्स गैंगस्टरों पर नकेल कसने में पूरी तरह नाकाम रही है और यह सिद्धू मूसेवाला की हत्या को भी रोक नहीं सकी।
दूसरा, इस टास्क फोर्स को तो यह भी पता नहीं था कि गैंगस्टर अब एके-47 और एएन-94 जैसे अत्याधुनिक हथियार इस्तेमाल करने लगे हैं। इसलिए टास्क फोर्स से किसी बड़ी सफलता की उम्मीद करना बेकार है। यह फोर्स न तो सिद्धू मूसेवाला की सुरक्षा घटाने के फैसले में हस्तक्षेप कर सकी और न ही अब तक हत्यारों को ही पकड़ सकी है।
बाजवा ने तीसरा कारण गिनाते हुए लिखा कि सिद्धू मूसेवाला की मौत एक राष्ट्रीय क्षति है। इसकी निष्पक्ष जांच होना जरूरी है। चौथा कारण यह है कि यह भी पता लगाया जाना चाहिए कि गैंगस्टरों ने इतने अत्याधुनिक हथियार कैसे जुटाए और इस मामले में खुफिया एजेंसियों से कहां गलती हुई। उल्लेखनीय है कि दो दिन पहले ही केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने चंडीगढ़ प्रवास के दौरान कहा था कि अगर पंजाब सरकार मांग करेगी तो केंद्र सरकार सिद्धू मूसेवाला की हत्या की जांच सीबीआई या एनआईए से कराने के तैयार है।