पूर्व वित्त मंत्री परमिंदर सिंह ढींढसा ने दावा किया कि पंथ और पंजाब हितैषी कई पूर्व मंत्री, वर्तमान और पूर्व विधायक सांसद सुखदेव सिंह ढींढसा के संपर्क में हैं। ढींढसा रविवार को गांव बिगडवाल में पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे। ढींढसा यहां सरपंच सोहन सिंह भंगू के चाचा महिंदर सिंह के अंतिम भोग में श्रद्धांजलि देने पहुंचे थे।
ढींढसा ने कहा कि अकाली दल को मजबूत करने की मुहिम धीरे धीरे जोर पकड़ रही है और जल्द ही कई बडे़ नेता एक मंच पर दिखेंगे। समय से पहले कुछ कहना दुरुस्त नहीं है लेकिन वक्त आने पर सब कुछ सार्वजनिक हो जाएगा। उन्होंने कहा कि गलत नीतियों के कारण ही शिरोमणि अकाली दल लोगों के मनों से बाहर हो गया था।
पार्टी के भीतर इस बारे में कई बार चर्चा हुई। सांसद ढींढसा के बहुत कहने के बाद भी जब नीतियां नहीं बदलीं तो मजबूर होकर सीनियर ढींढसा को वह कदम उठाना पड़ा, जो अब एक मजबूत लहर बन चुका है। इस लहर के तहत अकाली सोच रखने वालों तक हम पहुंच करेंगे। अकाली समर्थकों और नेताओं की भावनाओं के मुताबिक ही कदम उठाया गया है।
एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि पूर्व सांसद प्रेम सिंह चंदूमाजरा एक कद्दावर नेता हैं और पंथ के हितों की बात पूरी दृढ़ता से करते हैं। पार्टी के भीतर सहजता अथवा असहजता का फैसला खुद चंदूमाजरा करेंगे। उन्हें खुशी होगी यदि वे अकाली दल को मजबूत करने के लिए सांसद ढींढसा के सैद्धांतिक स्टैंड का साथ देंगे। बादल परिवार का नाम लिए बगैर परमिंदर ढींढसा ने कहा कि जो पार्टी, पंथ व पंजाब के शुभचिंतक हैं, वे जरूर इकट्ठा होंगे। इस मौके पर सतवंत सिंह सराओ, सोहन सिंह भंगू, यादविंदर निर्माण, चमकौर सिंह, सतगुर नमोल, सुशील गोयल, अभि गोयल और रविंदर गोरखा हाजिर थे।