आस्ट्रेलिया के ब्रिस्बेन में जिंदा जलाकर मारे गए मनमीत अलीशेर को न्याय दिलाएं, प्रधानमंत्री मोदी वहां के पीएम से मुद्दे पर बात करें। ये कहना है, पंजाब के मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल का। उन्होंने ब्रिस्बेन में शुक्रवार को पंजाबी युवक मनमीत अलीशेर की हत्या की निंदा की।
शनिवार को एक बयान में मुख्यमंत्री ने पंजाबी युवक पर इस हमले को अमानवीय, क्रूर और बेहद चिंताजनक घटना करार देते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से कहा है कि वे इस मामले में आस्ट्रेलियाई प्रधानमंत्री से बात करें और आस्ट्रेलिया में पंजाबियों की सुरक्षा को यकीनी बनाएं।
उन्होंने कहा कि आस्ट्रेलिया और अन्य देशों में स्थानीय समाज के साथ मिलजुल कर रह रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह हमला दिल दहला देने वाला था और पूरी तरह अस्वीकार्य हैं, क्योंकि विभिन्न देशों में बसे पंजाबियों के वहां राजनीतिक और सामाजिक योगदान को समय-समय पर वहां की सरकारों की ओर से भी सराहना की जाती रही है।
मुख्यमंत्री बादल ने केंद्र सरकार से कहा है कि वे आस्ट्रेलिया में भारतीय उच्चायोग को आदेश दें कि वह आस्ट्रेलिया में रह रहे पंजाबियों की सुरक्षा सुनिश्चित करे।
केंद्र सरकार विदेश में पंजाबियों की सुरक्षा यकीनी बनाए
आस्ट्रेलिया में जिंदा जला पंजाबी सिंगर मनमीत अलीशेर
आप चुनाव प्रचार समिति के अध्यक्ष व सांसद भगवंत मान ने आस्ट्रेलिया के ब्रिसबेन में पंजाबी युवा मनमीत अलीशेर की हत्या पर गहरा दुख जताया है। उन्होंने केंद्र सरकार से विदेशों में बसने वाले पंजाबियों की जानमाल की सुरक्षा को सुनिश्चित बनाने की मांग की है। शनिवार को एक बयान में भगवंत मान ने कहा कि संगरूर जिले से मनमीत अलीशेर आम आदमी पार्टी का समर्पित व सक्रिय एनआरआई वालंटियर था।
वह कई वर्षों से आस्ट्रेलिया में पार्टी की गतिविधियां चला रहा था। कुछ समय पूर्व मनमीत अलीशेर व उसके अन्य साथियों ने आस्ट्रेलिया के विभिन्न नगरों में भगवंत मान के शो भी आयोजित किए थे। उन्होंने कहा कि मनमीत अलीशेर की मृत्यु न केवल उनकी निजी, बल्कि पूरी पार्टी का पूरा न हो सकने वाला घाटा है। मान ने कहा कि कुछ समय से आस्ट्रेलिया, अमेरिका, इंग्लैंड व विश्व के अन्य देशों में रोजी-रोटी के लिए गए पंजाबियों पर नस्लीय आक्रमण बढ़ते जा रहे हैं।
ऐसे नस्लीय आक्रमणों को रोकने के लिए भारत सरकार को संबंधित विदेशी सरकारों के पास ये मुद्दे गंभीरतापूर्वक उठाने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि सैकड़ों पंजाबी वहां की जेलों में बंद हैं और बहुतेरों का कोई पता-ठिकाना नहीं लग रहा। ऐसी परिस्थितियों में भारतीय विदेश मंत्रालय को विशेष कदम उठाने की आवश्यकता है ताकि रोजी-रोटी की मजबूरी में विदेशी धरती पर फंसे युवाओं की सुरक्षित देश वापसी संभव हो सके।