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Punjab: एसजीपीसी और पार्टी पर रही बादल की मजबूत पकड़, शिअद छोड़ अलग पार्टी नहीं खड़ी कर पाया कोई नेता

Wed, 26 Apr 2023 01:01 AM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जालंधर (पंजाब)

सार

प्रकाश सिंह बादल को सांस लेने में दिक्कत होने पर 16 अप्रैल को अस्पताल में भर्ती करवाया गया था। 18 अप्रैल को उनकी तबीयत ज्यादा बिगड़ गई थी। इसके बाद उन्हें आईसीयू में शिफ्ट किया गया था। मंगलवार रात को उनका निधन हो गया। 
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प्रकाश सिंह बादल। - फोटो : अमर उजाला (फाइल फोटो)
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विस्तार
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पूर्व मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल ने एक बार अकाली दल की कमान संभाली तो उन्होंने पार्टी के भीतर किसी को सिर उठाने नहीं दिया। शिअद छोड़कर अगर किसी ने अलग अकाली दल बनाया तो वह सफल नहीं हो पाया। पंजाब की राजनीति में सुरजीत सिंह बरनाला, गुरचरण सिंह टोहडा, रविइंद्र सिंह, सिमरनजीत सिंह मान, सुखदेव सिंह ढींडसा, रंजीत सिंह ब्रह्मपुरा, कुलदीप सिंह वडाला जैसे कई नेताओं ने पार्टी छोड़कर अकाली दल का गठन करना चाहा लेकिन उनको मुंह की खानी पड़ी। 

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बादल ने एसजीपीसी से लेकर सरकार व अकाली दल बादल पर अपना पूरा कब्जा रखा। एसजीपीसी के प्रधान गुरचरण सिंह टोहड़ा ने बादल के खिलाफ सुर निकाला मगर बादल ने ऐसा सियासी दांव चला कि गुरचरण सिंह टोहड़ा के हाथ से एसजीपीसी की कमान चली गई। टोहड़ा ने सर्वहिंद अकाली दल के नाम से अपना संगठन खड़ा किया तो वह बुरी तरह से फेल हो गए। आखिरकार टोहड़ा को वापस प्रकाश सिंह बादल की शरण में आना पड़ा। कुलदीप सिंह वडाला भी अकाली दल बादल से अलग हुए लेकिन बाद में उनको अपनी पार्टी का अकाली दल बादल में विलय करना पड़ा।
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