वाटर ट्रीटमेंट प्लांट में डूबने से दो बच्चों की मौत
बुजुर्ग ने कहा कि वाटर ट्रीटमेंट प्लांट में मत नहाओ, लेकिन बच्चे नहीं माने। नतीता ये कि दो घरों के चिराग बुझ गए और त्योहारों में घर में मातम छा गया। घटना हरियाणा के पंचकूला की है। वाटर ट्रीटमेंट प्लांट में डूबने से दो बच्चों की मौत हो गई। घटना की जानकारी मिलते ही उन्हें बाहर निकालकर सिविल अस्पताल पहुंचाया, लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। डूबने वाले दोनों बच्चों को तैरना नहीं आता था।
मामले में हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण की लापरवाही की छानबीन की जा रही है। जानकारी के मुताबिक शुक्रवार दोपहर करीब एक बजे बीड़ घग्गर स्थित सरकारी स्कूल का कक्षा छठी का छात्र 13 वर्षीय तुषार पुत्र रवि और 14 वर्षीय जतिन गांव चौकी के वाटर ट्रीटमेंट प्लांट के रिजवॉयर में नहाने के लिए चले गए। हालांकि इस दौरान उन्हें रोकने भी कोशिश की गई, लेकिन नहीं रुके। जैसे ही वे नहाने के लिए उतरे, दोनों के पांव फिसले और पानी में वहीं डूबने लगे। डूबने वाले दोनों बच्चों को तैरना नहीं आता था।
प्लांट की गहराई लगभग फुट 15 फुट थी। दोनों इसमें समा गए। तभी उनके वहां मौजूद एक अन्य बच्चे ने दोनों को डूबते हुए देखा तो डूबने वाले एक बच्चे के फुफेरे भाई को बुलाया। फुफेरे भाई ने दोनों को निकालकर सिविल अस्पताल पहुंचाया। जहां डॉक्टरों ने दोनों को मृत घोषित कर दिया। जतिन के पिता पिछले कुछ महीनों से बीमार चल रहे हैं, जबकि तुषार अपने घर का इकलौता बेटा था।