पूर्व मुख्यमंत्री भुपेंदद्र सिंह हुड्डा की ओर से हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण के चेयरमैन रहते हुए जुलाई 2013 में पंचकूला में आवंटित किए 14 बेश्कीमती औद्योगिक प्लॉट वितरण में धांधली के मामले में हाईकोर्ट ने सुनवाई अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दी है। सरकार ने बेंच को बताया कि इस मामले में जांच अब सीबीआई कर रही है और अभी सीबीआई की रिपोर्ट नहीं आई है।
उल्लेखनीय है कि पिछली सुनवाई पर कुछ प्लाट धारकों के वकील भी पेश हुए और पूछा कि जब तक सीबीआई जांच चल रही है, तब तक उनके बारे में सरकार को स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए। इसी पर हाईकोर्ट ने कहा था कि फिलहाल वह इन प्लाटों पर अपनी औद्योगिक इकाईयां जारी रख सकेंगे।
इसके साथ ही सरकार को निर्देश दिया था कि विजिलेंस जांच की रिपोर्ट दाखिल की जाए और रिपोर्ट के आधार पर क्या कार्रवाई की गई है, इसकी स्थिति रिपोर्ट दी जाए। हरियाणा सरकार ने इसी पर बुधवार को बेंच को अवगत कराया कि अब जांच सीबीआई कर रही है और अभी रिपोर्ट नहीं आई है। इसी पर सुनवाई अब अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दी गई है।
उल्लेखनीय है कि सरकार ने विजिलेंस जांच के आधार पर एडवोकेट जनरल से कानूनी राय मांगी थी। कानूनी राय में एजी ने कहा था कि जांच में स्पष्ट तौर पर सामने आया है कि प्लाट आवंटन में चहेतों को लाभ पहुंचाने के लिए अनियमितताएं बरती हैं और हुडा के चेयरमैन यानि तत्कालीन मुख्यमंत्री भुपेंद्र सिंह हुड्डा समेत अफसरों और प्लाट धारकों के खिलाफ एफआईआर बनती है और इस मामले में गहराई से जांच के लिए मामला सीबीआई को सौंपा जाना चाहिए। इसके बाद सरकार ने पूर्व मुख्यमंत्री हुड्डा के खिलाफ मामला दर्ज करके जांच सीबीआई के हवाले की थी।