पानीपत के बहुचर्चित समझौता ब्लास्ट मामले में पंचकूला स्थित एनआई की विशेष अदालत में सोमवार को सुनवाई हुई। इस दौरान मुख्य आरोपी आसीमानंद, लोकेश शर्मा, राजेंद्र चौधरी और कमल चौहान ने अपने बयान पूरे किए। वहीं बचाव पक्ष के बयान पूरे होने के बाद अभियोजन पक्ष की ओर से बहस शुरू हो गई। इस मामले की अगली सुनवाई 13 फरवरी को मुकर्रर की गई है।
इस मामले में चारों आरोपियों की गवाही भी पूरी हो गई है। वहीं अब अभियोजन पक्ष के वकील अगली सुनवाई में अपना पक्ष रखेंगे। बचाव पक्ष के वकील विजय पाल सिंह नामदेव ने बताया कि पाकिस्तानी नागरिकों को गवाही के लिए कई मौके दिए गए, लेकिन वे गवाही के लिए नहीं पहुंचे। इसके बाद कोर्ट ने मामले की सुनवाई आगे जारी रखी। इसके लिए पाकिस्तानी नागरिकों को चार बार समन भेजे जा चुके हैं। इसके बाद भी वे कोर्ट नहीं आए थे।
समझौता एक्सप्रेस में 68 की हुई थी मौत
भारत-पाकिस्तान के बीच एक सप्ताह में दो दिन चलने वाली समझौता एक्सप्रेस में 18 फरवरी 2007 में बम धमाका हुआ था। इसमें 68 लोगों की मौत हो गई थी। ब्लास्ट के दौरान 12 लोग घायल हो गए थे। ट्रेन दिल्ली से लाहौर जा रही थी। धमाके में जान गंवाने वालों में अधिकतर पाकिस्तानी नागरिक थे। मृतक 68 लोगों में 16 बच्चों समेत चार रेलवे कर्मी भी शामिल थे।
विस्फोट हरियाणा के पानीपत जिले में चांदनी बाग थाने के अंतर्गत सिवाह गांव के दीवाना स्टेशन के नजदीक हुआ था। इस ब्लास्ट के सभी आरोपियों के खिलाफ ये मामला पंचकूला की एनआईए कोर्ट में केस चल रहा है। मामले में अब तक कुल 224 गवाहों के बयान दर्ज हो चुके हैं, जबकि इसमें 302 गवाह थे।