हरियाणा के सिरसा में अखिल भारतीय स्वामीनाथन संघर्ष समिति के बैनर तले लघु सचिवालय में किसानों का धरना 22 दिन से चल रहा है। सोमवार को सोमवार को 151 किसानों ने 17-17 रुपये के चेक पोस्ट के द्वारा पीएम के नाम भेजकर अपने रोष का इजहार किया। ये चेक दिल्ली स्थित प्रधानमंत्री कार्यालय के पते पर भेजे गए हैं।
धरनारत किसानों को संबोधित करते हुए अखिल भारतीय स्वामीनाथन संघर्ष समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष विकल पचार ने कहा कि सरकार किसानों की सुध नहीं ले रही। केंद्र सरकार ने सीमांत किसानों के लिए छह हजार रुपये सालाना का बजट पेश किया है। जिसके तहत किसानों को 16 रुपये 55 पैसे प्रतिदिन हासिल होंगे। यह राशि नाकाफी है, इसलिए पीएम के नाम 17-17 रुपये के चेक भेजकर किसानों ने सरकार के खिलाफ रोष जताया है।
विकल पचार ने कहा कि सरकार ने किसानों का मजाक उड़ाया है। आखिर एक किसान 17 रुपये में अपने परिवार का जीवनयापन कैसे कर सकता है। पचार ने कहा कि आजादी से लेकर चुनावी घोषणा किसानों के वोट को लेकर होती आई है। ये घोषणा भी इसी का हिस्सा है। किसान को भीख नहीं चाहिए, उसे तो अपना हक चाहिए।
किसानों की फसलों के उचित दाम व फसल बिक्री की गारंटी होनी चाहिए। आज तक किसानों के नाम पर सभी पार्टियों ने सत्ता हासिल करने के लिए झूठी राजनीति की है, लेकिन अब किसानों की अनदेखी नहीं चलेगी। सोमवार को किसानों के धरने पर जेजेपी के सिरसा अध्यक्ष अमीर चावला पहुंचे और उन्हें अपना समर्थन दिया।
इस दौरान चावला ने बीजेपी व कांग्रेस पर किसानों की अनदेखी करने का आरोप लगाया। धरने पर किसान जगदीश रूपावास, छोटूराम, कृष्ण, जगदीश घोटिया, नरेंद्र जाखड़, रामेश्वर, नरेश, सुलतान ढ़ाका, कर्मजीत, सुखदेव, कुलदीप शर्मा उपस्थित थे।