सामाजिक बुराइयों को मिटाने के लिए पातवान गांव में हुई आठ गांवों के मौजिज लोगों की पंचायत में डीजे बजाने पर पूर्ण पाबंदी लगा दी गई है। पंचायती फैसले की जानकारी आमजन तक पहुंचाने के लिए पंचायत अपने-अपने गांव में लोगों के बीच प्रचार करेगी।
पंचायत में दहेज प्रथा, मृत्यु भोज तथा नकल जैसी बुराइयों जैसे अन्य मुद्दों पर मंथन किया गया तथा उन पर अंतिम निर्णय अगली पंचायत पर छोड़ा गया। रविवार को पातवान गांव के राजीव गांधी सेवा केंद्र में आयोजित पंचायत में आठ गांवों के अनेक लोगों ने शिरकत की।
पंचायत में उपस्थित मौजिज लोगों ने कहा कि समाज में बढ़ती बुराइयों से जहां एक ओर सामाजिक तानाबाना बिगड़ हो रहा है वहीं आने वाली पीढ़ियों में संस्कारों का अभाव देखने को मिल रहा है। जो रूढीवादी परंपरा समाज के विकास में बाधा बनी हुई है उनको बदलना बेहद जरूरी है।
वक्ताओं ने कहा कि गांवों में शराब तथा डीजे जैसी बुराइयां लोगों के आपस में झगड़े का कारण बन रही है। इसलिए शुरुआत में इन पर प्रतिबंध लगाना बेहद जरूरी है।
इन गांवों में रहेगा प्रतिबंध
पंचायत में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि आठ गांव (सुधीवास, पातवान, गरवां, मिठी, सुरपुरा, मोरका, मतानी, मंढोली खुर्द) में डीजे पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। शादी तथा अन्य किसी भी आयोजन में इन गांवों में कोई भी व्यक्ति डीजे नहीं बजाएगा। जो इसका उल्लंघन करेगा उस पर सार्वजनिक तौर पर 51 रुपये का जुर्माना तथा सरकारी कार्रवाई की जाएगी।
इसके अलावा मृत्यु भोज को बंद किए जाने तथा मृत्यु शोक को बारह दिन की बजाय सात दिन का किए जाने पर विचार रखे गए। पंचायत में यह निर्णय लिया गया कि आठ गांव की पंचायत हर तीन महीने में पंचायत आयोजित करेगी तथा दहेज प्रथा, नकल, शराब तथा अन्य सामाजिक बुराइयों पर फैसला लेगी। पंचायत की अध्यक्षता आठ गांव लाखलाण खाप प्रधान पूर्व सरपंच धर्मसिंह सुरपुरा ने की।