पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने पंचायतों में आरक्षण से जुड़ीं 170 याचिकाओं का निपटारा करते हुए पंचायत चुनाव का साफ कर दिया है। कोर्ट ने सभी याचिकाओं को खारिज कर दिया है। अन्य मांगों को लेकर दाखिल याचिकाओं को मंजूर करते हुए पंजाब सरकार को विभिन्न निर्देश दिए गए हैं।
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चंडीगढ़ के कुलजिंदर सिंह और अन्य ने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल कर आरोप लगाया है कि सरकार ने जल्दबाजी में चुनाव अधिसूचना जारी करते हुए गलतियां की थीं। नो ड्यूज सर्टिफिकेट के लिए चुनाव आयोग ने जो पत्र जारी किया है, उसे भी चुनौती दी गई थी। साथ ही आरक्षण को लेकर भी याचिकाकर्ता ने कई सवाल उठाए थे। याची ने कहा था कि चुनाव का जो कार्यक्रम जारी किया है, वह तय प्रावधानों के खिलाफ जाकर किया है। यदि इस कार्यक्रम से चुनाव संपन्न करवाए जाएंगे, तो अदालत में याचिकाओं की बाढ़ आ जाएगी। ऐसे में पंजाब सरकार को आदेश दिया जाए कि तय प्रावधानों के अनुसार ही चुनाव संपन्न करवाएं। नोटिफिकेशन के तहत नॉमिनेशन दाखिल करने के लिए 3 दिन से ज्यादा समय देने, चुनाव आयोग की ओर से नो ड्यूज सर्टिफिकेट के लिए जारी आदेश और आरक्षण को लेकर कई सवाल उठाए गए हैं।
हाईकोर्ट ने चुनाव में आरक्षण की व्यवस्था को चुनौती देने वाली याचिका को खारिज कर दिया। जिन याचिकाओं में वोट कटने को चुनौती दी गई थी हाईकोर्ट ने उनमें चुनाव आयोग को खामियां 5 अक्टूबर तक दूर करने का आदेश दिया है। हाईकोर्ट ने वीरवार को ही सभी को भुगतान की स्थिति में नो ड्यूज जारी करने का आदेश दिया है।