पंचायत विभाग ने अधिकारियों को दी ग्राम पंचायतों के साथ समन्वय बनाकर फॉगिंग कराने की हिदायत
चंडीगढ़। प्रदेश में डेंगू के डंक ने अपना कहर बरपाना शुरू कर दिया है। शहरी क्षेत्रों के साथ-साथ गांवों में भी डेंगू पैर पसार रहा है। प्रदेश में डेंगू के मामलों की संख्या 100 के पार पहुंच गई है। लिहाजा, विकास एवं ग्राम पंचायत विभाग ने गांवों में फॉगिंग करने के निर्देश जारी किए हैं।
विकास एवं पंचायत विभाग के महानिदेशक ने सभी मुख्य कार्यकारी अधिकारी जिला परिषद, जिला विकास एवं पंचायत अधिकारी और खंड विकास एवं पंचायत अधिकारियों को पत्र लिखकर निर्देश दिए कि अगस्त में बारिश होने से जगह-जगह जलभराव हो गया है। ऐसे में मच्छरों का प्रकोप बढ़ रहा है। इसलिए डेंगू व मलेरिया जैसी बीमारियों की रोकथाम के लिए फॉगिंग कराई जाए।
पंचायत विभाग के महानिदेशक ने स्पष्ट हिदायत दी कि फॉगिंग कार्य में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सीईओ जिला परिषद, परिषद सदस्यों और खंड विकास अधिकारी ब्लाॅक समिति सदस्यों के साथ समन्वय बनाकर फाॅगिंग के कार्य को प्राथमिकता के आधार पर करवाएं। प्रदेश भर में 6841 गांव और 6200 ग्राम पंचायतों में खाली प्लाॅट और गलियों व नालियों में पानी जमा होने से डेंगू व मलेरिया के मामलों में बढ़ोतरी हो रही है। वहीं, प्रदेश में डेंगू के मामले बढ़ते देख स्वास्थ्य विभाग भी अलर्ट हो गया है। स्वास्थ्य विभाग शहरों के अलावा ग्रामीण क्षेत्रों में फॉगिंग करवाने के अलावा चेकिंग अभियान भी चला रहा है। कूलर, घरों के फ्रीज, एसी, गमले व छतों पर इकट्ठा हो रहे पानी के सैंपल भरे जा रहे हैं।