संवाद न्यूज एजेंसी
अमृतसर। पाकिस्तान स्थित गुरुधामों के दर्शन-दीदार के लिए 13 अप्रैल को अटारी-वाघा सड़क सीमा मार्ग से पाक गया 2700 से अधिक श्रद्धालुओं का जत्था सोमवार भारत वापस लौट आया है।
पाकिस्तान सरकार द्वारा पाकिस्तान स्थित विभिन्न गुरुद्वारों के दर्शन करने के लिए ट्रेन का यात्री किराया चार हजार से बढ़ाकर छह हजार रुपये प्रति यात्री वसूलने का श्रद्धालुओं ने रोष प्रगट किया है। श्रद्धालुओं ने बताया कि वर्ष 2020 तक पाकिस्तान सरकार विशेष ट्रेन व बस का किराया केवल चार हजार रुपये प्रति यात्री वसूल करती थी। वर्ष 2021 में जत्था पाक गया था तो पाकिस्तानी सरकार ने विशेष बसों का किराया प्रत्येक यात्री से पांच हजार रुपये और ट्रेन का किराया वर्ष 2019 में 5000 किराया छह हजार कर दिया था। वर्ष 2020 में कोविड के कारण जत्था वैसाखी पर पाकिस्तान नहीं गया था। उन्होंने कहा कि इस बार ट्रेन का किराया प्रति यात्री बढ़ाकर छह हजार कर दिया है, जोकि बहुत अधिक है।
श्रद्धालुओं का कहना है कि हर वर्ष ही यह किराया अब पाकिस्तान सरकार बढ़ा रही है। पाकिस्तान सरकार ने इसके अतिरिक्त रेलवे स्टेशनों से गुरुद्वारा के दर्शन करने के लिए 1200 रुपये ट्रांसपोर्टेशन किराया भी प्रत्येक श्रद्धालु के हिसाब से वसूला है। यात्रियों के यह भी बताया कि इस बार लाहौर में चुनाव का माहौल होने के कारण सुरक्षा की दृष्टि से श्रद्धालु अधिक गुरुद्वारों के दर्शन भी नहीं कर पाए हैं।