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सिख फॉर जस्टिस के खिलाफ प्रतिबंध की मुख्य वजह पाक कनेक्शन

Sat, 13 Jul 2019 07:50 AM IST
देव कश्यप सुरिंदर पाल, अमर उजाला, जालंधर
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सिखों का प्रदर्शन - फोटो : अमर उजाला (फाइल फोटो)
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सिख फॉर जस्टिस पर प्रतिबंध की मुख्य वजह पाक कनेक्शन है, जहां से एसएफजे को भरपूर समर्थन मिल रहा था। सिख फॉर जस्टिस पाकिस्तान से मांग कर रहा था कि श्री गुरुनानक देव जी के 550वें प्रकाशोत्सव में सिखों के लिए एक लाख वीजा जारी किया जाए। पंजाब से पाकिस्तान जाने वाले एक लाख लोगों की यात्रा, उनके पाकिस्तान में रहने और खाने का खर्च सिख फॉर जस्टिस वहन करेगा। 

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पन्नू ने पाक के विदेश मंत्री को एक पत्र लिखा था और इस पत्र को अमली जामा पहनाने के लिए पाक में जबरदस्त लॉबिंग भी शुरू हो चुकी थी। एजेंसियों के उच्चपदस्थ सूत्रों के मुताबिक, पश्चिम में रहने वाले खालिस्तान समर्थक सिख पाकिस्तान में सिख धर्मयात्रियों को मुफ्त यात्रा का लोभ देकर धार्मिक भावनाओं को भुनाने की योजना बना रहे हैं। इसी साल सिखों के पहले गुरु श्री गुरुनानक देव का 550वां प्रकाश पर्व है। श्री गुरुनानक देव का जन्म पाकिस्तान में हुआ था और वहीं पर वे ज्योति ज्योत में समा गए थे। दुनियाभर के सिख पाकिस्तान में होने वाले इस समारोह में शामिल होना चाहते हैं। 

सूत्रों के अनुसार सिख फॉर जस्टिस अपने खालिस्तान समर्थक एजेंडा के जरिये पाकिस्तान के भारत विरोधी प्रोपेगेंडा पर काम कर रहा है। यह संगठन खुद को मानवाधिकार की वकालत करना वाला बताकर पंजाब के लिए लगातार रेफरेंडम 2020 अभियान चला रहा है। खासकर पिछले साल अगस्त में रेफरेंडम 2020 के समर्थन में लंदन में निकाली गई रैली के बाद भारतीय सुरक्षा एजेंसियों ने सिख फॉर जस्टिस पर नजर रखनी शुरू कर दी है। पाकिस्तानी मूल के ब्रिटिश लॉर्ड नजीर अहमद लंदन में हुए कार्यक्रम में वक्ता के तौर पर मौजूद थे। अहमद खुद को कश्मीरी और सिखों का हमदर्द कहते हैं। उन्होंने इस कार्यक्रम में भारत और पंजाब के विभाजन की बात कही। उनका खुले तौर पर इस कार्यक्रम में हिस्सा लेना जाहिर करता है कि पाकिस्तान रेफरेंडम 2020 को सीधे तौर पर वित्तीय और साजो-सामान की मदद दे रहा है। पिछले साल पन्नू के संगठन का कनेक्शन कश्मीरी अलगाववादियों के साथ भी नजर आया था। 
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लंदन में सिख फॉर जस्टिस ने रेफरेंडम 2020 की रैली से पहले एक प्रेस वार्ता की थी, जिसको भारतीय एजेंसियों ने गहराई तक खंगाला तो पाक और कश्मीरी अलगाववादियों का कनेक्शन सामने आ गया। खालिस्तान समर्थक एक समूह ने लंदन में कश्मीरी अलगाववादियों के साथ प्रेस कांफ्रेंस कर दावा किया कि पाकिस्तान समर्थित कश्मीरी अलगाववादी खालिस्तान के लिए रेफरेंडम 2020 का लंदन में खालिस्तान समर्थक सिखों का समर्थन कर रहे हैं।

वर्ल्ड कश्मीर फ्रीडम मूवमेंट, कश्मीर पैट्रियॉटिक फोरम इंटरनेशनल और ओवरसीज पाकिस्तानी वेलफेयर ऑर्गेनाइजेशन की प्रेस कांफ्रेंस ब्रिटेन स्थित खालिस्तानी कार्यकर्ता परमजीत सिंह पम्मा के द्वारा आयोजित की गई थी। पम्मा को भारत ने पुर्तगाल से प्रत्यर्पण कराने की कोशिश की थी लेकिन सफल नहीं हो पाए थे। हालांकि सिख फॉर जस्टिस ने पाक में अपना पंजीकरण कार्यालय खोल दिया था, लेकिन भारत के कड़े विरोध के कारण पाक को बैकफुट पर आना पड़ा और कार्यालय बंद करवा दिया गया। पाक ने सीधे तौर पर सिख फॉर जस्टिस की पीठ से हाथ हटा लिया था लेकिन अंदरखाते सिख फॉर जस्टिस की रेफरेंडम 2020 अभियान में पूरी मदद की जा रही थी।

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