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पेड पार्किंग: आर्य इंफ्रा और नगर निगम का करार खत्म, आधा होगा पार्किंग का रेट

Tue, 10 Jul 2018 09:43 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
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पार्किंग बंद होने से बेरोजगार हुए युवक
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नगर निगम ने पेड पार्किंग चलाने वाली आर्य इंफ्रा कंपनी से करार खत्म कर दिया है। सोमवार को कंपनी के साथ समझौता तोड़कर पेड पार्किंग खाली करवा ली गई है। पार्किंग से रोड विंग के कर्मचारियों ने कंपनी के कारिदों को हटाकर अपना कब्जा कर लिया है। उधर, मेयर देवेश मोदगिल ने वित्त एवं अनुबंध कमेटी की मंगलवार को आपात बैठक बुलाई है। इसमें पार्किंग रेट आधे करने का प्रस्ताव पास किया जाएगा।
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इसके साथ हर दो घंटे के बाद बढ़ने वाले पार्किंग रेट को वापस लेने का निर्णय लिया जाएगा।  अधिकारियों के अनुसार दोपहिया वाहन का पार्किंग शुल्क 5 और कार पार्किंग का शुल्क 10 रुपये कर दिया जाएगा। इस साल एक अप्रैल से पहले यही रेट था, लेकिन समझौते के अनुसार आर्य इंफ्रा कंपनी ने रेट बढ़ा लिए थे।

नगर निगम की ओर से सोमवार को दोपहर तीन बजे शहर की 25 पेड पार्किंग का कब्जा लेने से पूरे शहर में अफरातफरी मच गई। वहीं, कंपनी को नगर निगम की इस कार्रवाई की जानकारी आधा घंटा पहले मिल गई थी। कंपनी ने पेड पार्किंग में तैनात कर्मचारियों से दोपहर तक हुई सेल ले ली। इस कार्रवाई से करीब 400 कर्मचारी बेरोजगार हो गए हैं। इनको अभी तक जून माह का वेतन भी नहीं मिला है। इनमें लगभग 100 महिला कर्मचारी भी शामिल हैं।
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कार्रवाई के खिलाफ हाईकोर्ट जाएगी कंपनी

पार्किंग बंद करते अधिकारी
नगर निगम ने यह कार्रवाई आर्य इंफ्रा कंपनी की ओर से 3 करोड़ 69 लाख रुपये की तिमाही किस्त न जमा करवाने के कारण की है। कब्जा लेने के बाद सोमवार दोपहर बाद से देर रात तक सभी पेड पार्किंग लोगों के लिए निशुल्क हो गई, जबकि मंगलवार से नगर निगम के कर्मचारी पेड पार्किंगों में तैनात होंगे और वाहन चालकों से चार्ज करेंगे।

वहीं, कंपनी ने इस कार्रवाई के खिलाफ पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट में जाने का फैसला लिया है। नगर निगम के ज्वाइंट कमिश्नर तेजदीप सैनी की ओर से जो टेंडर खारिज करने का पत्र जारी किया गया है, उसमें कहा गया है कि जो अब तक के ड्यूज पेंडिंग होंगे, उन्हें कंपनी की जमा बैंक गारंटी से रिकवर किया जाएगा।

शुक्रवार को जवाब नहीं दिया
आर्य इंफ्रा कंपनी को पिछले शुक्रवार तक राशि जमा करवाने या फिर कारण बताओ नोटिस का जवाब देने के लिए कहा गया था, लेकिन कंपनी ने ऐसा नहीं किया। कमिश्नर के आदेश के बाद यह निर्णय लिया गया कि कंपनी का टेंडर खारिज कर दिया जाए। मालूम हो कि पिछले छह महीने से लगातार मेयर गुट यह प्रयास कर रहा था कि आर्य इंफ्रा कंपनी का टेंडर खारिज कर दिया जाए और बढ़े हुए रेट्स को वापस लिया जाए।

पार्किंग को चेक भी किया गया, लेकिन नहीं हो सका। अधिकारी एमओयू के दायरे में रहते हुए पार्किंग का एमओयू खारिज करना चाहते थे। 29 जून को हुई सदन की बैठक में कमिश्नर ने यह बात पार्षदों से भी कही थी। एमओयू के अनुसार अगर कंपनी किस्त जमा नहीं करती तो एमओयू खारिज हो सकता है।

 
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अब कंपनी पर 30 करोड़ का क्लेम डालने की तैयारी

पेड पार्किंग में जाते लोग
हर पेड पार्किंग में मासिक पास बनवाने की सुविधा है। ऐसे में उन चालकों को नुकसान हो गया है, जिन्होंने अपने पास पहले सप्ताह में ही बनवा लिए हैं। इन वाहन चालकों का कहना है कि नगर निगम की ओर जो मंगलवार से पेड पार्किंग चलाई जा रही है, उसमें कंपनी की ओर से बनाए गए पास चलने चाहिए।

केविएट भी दाखिल की कोर्ट में
आर्य इंफ्रा कंपनी से एमओयू खारिज करने के लिए नगर निगम की ओर से पूरी प्लानिंग की गई थी। इसके साथ नगर निगम कमिश्नर ने रोड विंग को जहां कब्जा लेने के लिए कहा था, वहीं सोमवार सुबह ही कंपनी को टेंडर खारिज करवाने का नोटिस रिसीव करवाया गया। इसके साथ ही नगर निगम ने पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट में केविएट दाखिल कर दी ताकि अगर आर्य इंफ्रा कंपनी कोर्ट में स्टे लेने के लिए जाए तो कोई फैसला करने से पहले नगर निगम का पक्ष कोर्ट जरूर सुने।

बात सिर्फ राशि की नहीं है बल्कि नगर निगम की नीयत में ही फर्क कई दिनों से आ गया था। अगर वह पैसे जमा भी करवा देते, तब भी नगर निगम अलग-अलग बहाने टेंडर खारिज करने के लिए तलाशता। अब कानूनी लड़ाई लड़ी जाएगी। नगर निगम को धक्का नहीं करने दिया जाएगा। पिछले एक साल से काफी अच्छे ढंग से पार्किंग चलाई जा रही थी। -संदीप बिडलानी, निदेशक, आर्य इंफ्रा कंपनी


अब नगर निगम आर्य इंफ्रा कंपनी पर 30 करोड़ रुपये का क्लेम भी डालने की तैयारी कर रहा है। नगर निगम के अनुसार कंपनी को तीन साल के लिए टेंडर दिया गया था। ऐसे में अभी दो साल बचे थे। कंपनी को एक साल में 14 करोड़ 87 लाख रुपये में टेंडर अलाट किया गया था। नगर निगम के अनुसार एमओयू रद्द होने से जो अगले दो साल में 30 करोड़ रुपये की राशि का नुकसान हुआ है, उसके क्लेम के लिए अलग से कोर्ट में अर्जी दाखिल की जाएगी।

दूसरी कंपनी को बुलाएगा निगम
आर्य इंफ्रा कंपनी के साथ समझौता खारिज करने के बाद अब नगर निगम फिर से टेंडर निकालेगा। ऐसे में नई कंपनी को पार्किंग चलाने के लिए दी जाएगी। मंगलवार से रोड विंग के कर्मचारी पेड पार्किंग संभालेंगे, लेकिन नगर निगम के कर्मचारियों के पास पेड पार्किंग चलाने का अनुभव नहीं है। शहर में अन्य काम भी इन कर्मचारियों के पार्किंग में लगाने से प्रभावित होंगे।

मल्टीलेवल पार्किंग से भी हटाए कंपनी के कर्मचारी
सेक्टर-17 में बनी मल्टीलेवल पार्किंग से भी कंपनी के कर्मचारी हटा दिए गए हैं। इससे होने वाली आय कंपनी के कर्मचारी नगर निगम को ही जमा करवाते थे, लेकिन मंगलवार को नगर निगम को यहां पर भी कर्मचारी तैनात करने पड़ेंगे। शहर की सभी 25 पेड पार्किंग खाली करवाने से दोपहर बाद लोगों को भीतर अपने वाहन पार्क करने में भी परेशानी का सामना करना पड़ा।

पार्किंग के बढ़े रेट कम करने का प्रस्ताव अनुबंध कमेटी में लिया जाएगा। रेट का स्लैब सिस्टम भी खत्म किया जाएगा। पूरे दिन के लिए एक ही रेट लागू होगा। इससे शहरवासियों को राहत मिलेगी। इसे लेकर काफी समय से संघर्ष चल रहा था। यह शहरवासियों की जीत है। अभी कई अव्यवस्थाएं दूर करनी हैं। जरूरत पड़ी तो सदन में अहम फैसले लेने के लिए प्रस्ताव लाया जाएगा। -देवेश मोदगिल, मेयर 

आज बढ़े हुए रेट्स होंगे चार्ज
मेयर का कहना है कि मंगलवार को अभी बढ़े हुए रेट्स ही लागू होंगे। शहर में इंजीनियरिंग विंग सभी पेड पार्किंग को चलाएगा। वित्त एवं अनुबंध कमेटी की बैठक में जो रेट कम करने का प्रस्ताव पास होगा, उसे बुधवार से लागू किया जाएगा। मासिक पास के रेट में भी कटौती की जाएगी।

जुर्माने की राशि भी नहीं करवाई जमा
ज्वाइंट कमिश्नर तेजदीप सैनी का कहना है कि आर्य इंफ्रा कंपनी ने 3 करोड़ 69 लाख रुपये की किस्त के अलावा समय-समय पर लगाए गए जुर्माने को भी आर्य इंफ्रा कंपनी ने जमा नहीं करवाया है। इसी वजह से करार रद्द किया गया है। मंगलवार से नगर निगम का इंजीनियरिंग विंग सभी 25 पेड पार्किंग को चलाएगा।
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