पीजीआई के डायरेक्टर प्रोफेसर योगेश कुमार चावला को पद्मश्री अवार्ड से नवाजा जाएगा। गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर इसकी घोषणा की गई। पिछले साल पीजीआई के पूर्व डीन एवं नेत्र विशेषज्ञ डा. अमोद गुप्ता को पद्मश्री से नवाजा गया था। दो साल में दो बार पद्मश्री मिलने से संस्थान के डॉक्टरों में काफी उत्साह है।
डा. चावला ने जबलपुर मेडिकल कॉलेज से एमबीबीएस व एमडी की डिग्री हासिल की है। उसके बाद उन्होंने एम्स से गैस्ट्रोएंट्रोलॉजी के क्षेत्र में डीएम की डिग्री हासिल की। साल 1983 में उन्होंने पीजीआई में लेक्चरर के तौर पर एंट्री की। उसके बाद साल 2011 में उन्होंने पीजीआई डायरेक्टर की कुर्सी संभाली।
लीवर डिजीज के क्षेत्र में उन्होंने काफी काम किया है। उनके कार्यकाल के दौरान संस्थान को कई उपलब्धियां मिलीं। रिसर्च के क्षेत्र में भी संस्थान ने कई उपलब्धियां हासिल की। उनके कार्यकाल के दौरान हेप्टोलॉजी डिपार्टमेंट में डीएम डिग्री की शुरुआत हुई। इसके साथ ही पीजीआई देश का पहला संस्थान बना, जो इस क्षेत्र में डीएम की डिग्री देने लगा।
पहले भी मिले हैं कई अवार्ड
डा. वाइके चावला को कई अवार्ड मिले हैं। उन्हें साल 1999 में राय मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया सिल्वर जुबली रिसर्च अवार्ड से सम्मानित किया गया। उनके 400 से अधिक रिसर्च आर्टिकल पब्लिश हो चुके हैं।
पीजीआई के छात्र रहे डॉ. रणदीप को भी पद्मश्री
पीजीआई के छात्र रहे डॉ. रणदीप गुलेरिया को भी पद्मश्री अवार्ड दिया जाएगा। डॉ. रणदीप इस समय एम्स में पल्मनेरी डिपार्टमेंट के एचओडी हैं। उन्होंने पीजीआई से डीएम और एमडी की डिग्री हासिल की थी। ये अवार्ड मार्च व अप्रैल के महीने में दिल्ली में दिए जाएंगे।