खरीद के बाद फसल की जिम्मेदारी एजेंसियों की
इस संबंध में जब मार्केट कमेटी के सचिव सुरजीत सिंह से बात की तो उन्होंने कहा कि अगर मंडी में फड़ पर क्रेट नहीं है तो इसकी जिम्मेदारी खरीद एजेंसियों की होती है, क्योंकि जब एजेंसी फसल को खरीदकर बोरियों में भर देती है तो उसके बाद सारी जिम्मेदारी खरीद एजेंसी की होती है कि उसकी देखभाल करे। एजेंसी का काम है कि उन बोरियों को क्रेट पर रखकर ऊपर से तिरपाल से ढके। एजेंसियों ने यह सब नहीं किया तो उनकी लापरवाही के कारण फसल खराब हुई है। उन्होंने कहा कि मार्केट कमेटी का काम तो सिर्फ किसान की फसल की बोली लगाने तक का है।
एजेंसी के इंस्पेक्टर बोले- आढ़ती की जिम्मेदारी
इस संबंध में पनग्रेन एजेंसी के इंस्पेक्टर हरभजन सिंह से बात की तो उन्होंने कहा कि यह कोई खास बात नहीं है। अगर सड़क पर रखी 40-50 बोरियां गीली भी हो गई हैं तो फसल को सुखा लिया जाएगा। जब पूछा गया कि आप ने क्रेट के ऊपर बोरियों को क्यों नहीं रखा तो उन्होंने सारी जिम्मेदारी आढ़ती पर डाल दी। उन्होंने कहा यह काम आढ़ती का होता है। क्रेट पर रखना हमारा काम नहीं है। अगर उन्होंने ऐसा नहीं किया तो नोटिस निकालकर जवाब मांगा जाएगा।