सरकारी जमीनों पर सालों से मकान बना कर रहने वाले लोगों के लिए पंजाब सरकार ने खुशखबरी दी है। सरकार इनको किराएदार की जगह मकान मालिक बनाने जा रही है। इसके लिए तैयारी भी कर ली गई है। लोगों को बड़ी संख्या में इसका लाभ मिलेगा।
राज्य में नगर कौंसिलों/नगर निगमों व पंचायती जमीनों पर 20 वर्षों से किराए पर बैठे लोगों को पंजाब सरकार की ओर से तोहफे के रूप में मालिकाना हक देने की नगरीय विकास मंत्री नवजोत सिंह सिद्धू ने हरी झंडी दे दी गई है। भाजपा के पूर्व मीडिया प्रभारी सुनील सिंगला के नेतृत्व में शिष्टमंडल मंगलवार को निकाय मंत्री नवजोत सिंह सिद्धू से मिला और उनसे मालिकाना हक मांगा। उन्होंने किराएदारों के वफद को आश्वासन दिया कि सरकार इस संबंधी पहले ही अधिसूचना जारी कर चुकी है।
सरकार ने तैयार की ये योजना
लोगों को मिलेगा जमीन का मालिकाना हक
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इच्छुक किराएदार मालिकाना हक के लिए जो भी सरकारी प्रक्रिया है, उसे शीघ्र पूरी करें तो उन्हें जल्द ही मालिक बना दिया जाएगा, सरकार इसके लिए तैयार है। उन्होंने स्पष्ट किया कि अगर कोई अधिकारी परेशान करता है या आनाकानी करता है तो उसकी सीधी शिकायत भेजी जाए उस पर कार्रवाई होगी। इस संबंध में नगर निगम की पॉलिसी के तहत 150 वर्ग गज व नगर परिषद/पंचायत के मामलों में 200 वर्ग गज की जमीन का मालिकाना हक वहां मकान बनाकर रहने वालों को दिया जाएगा।
आवेदन करने वाले को 20 वर्ष कब्जे संबंधी प्रमाण देने होंगे। इस स्कीम का लाभ निगम व नगर कौंसिल के किराए पर बैठे सभी लोगों के लिए दिया गया है। बठिंडा में कुल 392 ऐसी दुकानें हैं, जिसको नगर निगम ने किराए पर दे रखा है, जबकि 200 से अधिक किराएदारों ने मालिकाना हक के लिए आवेदन भी कर रखा है। 60 किराएदारों ने तो चुनावों से पहले ही 1,000 रुपए ड्राफ्ट के साथ आवेदन कर दिया था लेकिन आचार संहिता लागू होने व चुनावों के मद्देनजर इस स्कीम को लंबित कर दिया था।