श्री अकाल तख्त साहिब द्वारा जगदीश सिंह झींडा, दीदार सिंह नलवी और हरमोहिंदर सिंह चट्ठा को पंथ से निष्कासित किए जाने के बाद एचएसजीपीसी की प्रदेश स्तरीय आपात बैठक हुई।
वीरवार को डेरा बाबा चरण सिंह (कार सेवा) में बुलाई सिख संगत की बैठक में सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित कर मांग की गई कि श्रीअकाल तख्त साहिब की ओर से जगदीश सिंह झींडा और दीदार सिंह नलवी को पंथ से निष्कासित किए जाने संबंधी जारी हुक्मनामे पर पुनर्विचार किया जाए।
कमेटी के महासचिव जोगा सिंह यमुनानगर ने बैठक के बाद पत्रकारों को बताया कि श्रीअकाल तख्त साहिब अमृतसर द्वारा 16 जुलाई को जगदीश सिंह झींडा, दीदार सिंह नलवी और हरमोहिंदर सिंह चट्ठा को पंथ से निष्कासित करने संबंधी हुक्मनामे से हरियाणा के सिख समाज को बेहद दुखी हैं।
उपरोक्त दोनों सेवादार हरियाणा सिख समाज के प्रतिष्ठित एवं आदरणीय हैं, इन्होंने हरियाणा की सिख संगत को साथ लेकर सरकार के खिलाफ लंबा आंदोलन चलाया। इसी के परिणामस्वरूप हरियाणा सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी संबंधी बिल पारित हुआ है।
इसलिए सिख संगत श्रीअकाल तख्त साहिब से प्रार्थना करती है कि तीनों सेवादारों को सिख पंथ से निकालने संबंधी हुक्मनामे पर पुनर्विचार किया जाए।
बैठक में शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी श्रीअमृतसर के सदस्य जत्थेदार हरपाल सिंह मछौंडा, अमरीक सिंह जनेतपुर व बाबा गुरमीत सिंह तिलोकेवाला, शिरोमणि अकाली दल दिल्ली के अध्यक्ष परमजीत सिंह सरना व हरविंदर सिंह सरना, हरियाणा सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (एडहॉक) के प्रदेश उपाध्यक्ष हरमनप्रीत सिंह, प्रदेश महासचिव जोगा सिंह यमुनानगर, उपप्रधान अवतार सिंह चक्कू, करनैल सिंह निमनाबाद, स्वर्ण सिंह रतिया, जसबीर सिंह खालसा व अपार सिंह सहित अन्य सिख संगत मौजूद रही।
उधर, हरियाणा सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (एडहॉक) के अध्यक्ष जगदीश सिंह झींडा और महासचिव दीदार सिंह नलवी भी मौके पर डेरा बाबा चरण सिंह (कार सेवा) में मौजूद रहे। सुबह से शाम तक चली बैठक के बाद पत्रकारों से कोई भी बातचीत करने से दीदार सिंह नलवी ने साफ इंकार कर दिया।