हमारे आपस में ही इतने विरोधी हैं कि किसी दूसरे विपक्ष की जरूरत ही नहीं है। नगर निगम चुनाव में भाजपा को पूर्ण बहुमत और विपक्ष नहीं होने के सवाल पर सांसद किरण खेर ने यह बात कही।
सांसद खेर ने सेक्टर-8 स्थित अपने कार्यालय पर नवनिर्वाचित काउंसलरों की मीटिंग ले रही थीं। मजबूत विपक्ष पर चुटकी लेते हुए वह ठहाके लगाकर जमकर हंसीं भी। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि वह खुद सबसे बड़ा विपक्ष होंगी जो भी काउंसलर एरोगेंट होगा उसकी खबर लेंगी।
वीरवार को उनके बुलावे पर 21 में से सिर्फ 13 काउंसलर ही सेक्टर-8 स्थित कार्यालय पहुंचे। भले ही भाजपा ने सभी अनुमानों को धराशाई करते हुए 26 में से 20 सीटें जीत ली और कांग्रेस पार्टी को चारों खाने चित कर दिया, लेकिन अभी पार्टी में अंदरूनी पसंद नापसंद हावी है।
सांसद किरण खेर के बुलावे पर काउंसलरों का नहीं पहुंचना कहीं न कहीं इसी बात की ओर इशारा करता है। सांसद खेर के बुलावे पर आशा जसवाल, हीरा नेगी, राजबाला मलिक, फरमिला, सुनीता धवन, कंवरजीत राणा, राजेश कालिया, अनिल दुबे, रविकांत शर्मा, जगतार सिंह जग्गा, विनोद अग्रवाल और चंद्रावती शुक्ला उनके कार्यालय पहुंचे। शिरोमणि अकाली दल के हरदीप सिंह विर्क ने भी मीटिंग में हिस्सा लिया। हालांकि खेर ने काउंसलरों के कहीं व्यस्त होने की सफाई दी।