अवकाश पर जाने के कारण सोनीपत में सफाई व्यवस्था चरमरा गई। झज्जर में 99 होमगार्ड जवानों और 110 प्राइवेट चालकों के अलावा 24 रोडवेज चालक और परिचालकों के सहारे कुल 118 बसें चलाईं गईं। दूसरी ओर हड़ताल कर रहे कर्मचारियों ने भूख हड़ताल शुरू कर दी है। बहादुरगढ़ डिपो में कुल 62 बसों में से 51 बसें चलाईं गईं। फतेहाबाद में 80 और अंबाला में 100 से अधिक बसों को विभिन्न रूटों पर चलाया गया।
टिकट नहीं मिलने पर लोग पहुंचे रोडवेज जीएम के पास
यमुनानगर से जींद आई बस के यात्री टिकट नहीं मिलने की शिकायत लेकर रोडवेज जीएम के पास पहुंचे। यात्रियों ने बताया कि टिकट के नाम पर पैसे लिए गए हैं, लेकिन यात्रियों को टिकट नहीं दिया गया।
चालक भर्ती के लिए युवती ने काटा बवाल, मंत्री ने फोन पर दिया आश्वासन
जींद में चालक पद पर भर्ती के लिए पहुंची युवती ने बस स्टैंड के बाहर जमकर बवाल काटा। युवती सपना ने बताया कि उसके पास हैवी लाइसेंस है, लेकिन रोडवेज अधिकारी उसको टेस्ट देने तक का मौका नहीं दे रहे हैं। युवती ने बस स्टैंड का गेट बंद करने की कोशिश की। पंजाब रोडवेज की बस के आगे लेटने का प्रयास किया। बाद में अधिकारियों की सूचना पर परिवहन मंत्री कृष्ण पंवार ने उसे फोन करके भर्ती का आश्वासन दिया। इसके बाद युवती चली गई।
11 दिनों बाद चंडीगढ़ के लिए चलीं बसें
रोडवेज प्रशासन शुक्रवार को करीब 66 बसों को चलवाने में सफल रहा। 11 दिन बाद चंडीगढ़ के लिए एक बस चली। वहीं अंबाला डिपो की दो बसें भी चंडीगढ़ के लिए रवाना हुईं। बस स्टैंड से करीब 210 बसों का संचालन किया गया।