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नगर निगम की बैठक में 'स्टडी टूर' पर बवाल

Fri, 26 Sep 2014 08:57 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
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स्टडी टूर के मुद्दे पर भाजपा पार्षद सतिंदर सिंह ने नगर निगम सदन में आरोपों की झड़ी लगा दी। उन्होंने आरोप लगाए कि टूर केवल मौज-मस्ती के लिए था। कल्चरल एक्सचेंज प्रोग्राम के नाम पर झूठ बोला गया। एक साथ इतने लोगों का टूर पर जाना और साथ में परिवारों को ले जाना बेहद गलत था।
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दिलचस्प बात ये रही कि कांग्रेस ने तो गलती मान ली, लेकिन भाजपा पार्षद जवाब देने से बचते रहे। कांग्रेस पार्षद सुभाष चावला ने कहा कि अखबारों में जो खबरें छपी वो सच थीं। अगली बार टूर अरेंज हों तो फैमिली को साथ ले जाने से पहले परमिशन ली जाए। वहीं कमिश्नर वीपी सिंह ने भी सतिंदर का पक्ष लेते हुए कहा कि एक साथ 26 लोगों की बजाय 5 या 7 मेंबर्स के लिए टूर बनना चाहिए। इसके लिए अगली बार पॉलिसी बनाई जाएगी।

नगर निगम इतिहास में पहली बार हुआ जब किसी पार्टी के नेता अपने ही पार्षद का विरोध कर रहे थे। भाजपा के ज्यादातर पार्षद सतिंदर सिंह के खिलाफ ही बोल रहे थे। यहां तक की भाजपा पार्षद अरुण सूद गुस्से में बोल ही पड़े ‘सतिंदर जी आप टूर पर गए थे क्या।’
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स्टडी टूर पर भाजपा पार्षदों की सफाई

अरुण सूद, ‘हमने सेल्यूलर जेल देखी। वहां से आने के बाद मेरे बच्चों का माइंड बहुत चेंज हुआ। पोर्ट ब्लेयर में हमने देखा कि लोग किसी को कागज तक सड़क पर फेंकने नहीं देते। हमने वहां डिजास्टर मैनेजमेंट के बारे में भी सीखा। कोलकाता की मेयर-इन-काउंसिल के बारे में जाना।’

हरजिंदर कौर, ‘किसी की ऐसी भावना नहीं थी कि टूर पर किसी तरह का फायदा उठाया जाए। कई बार हम कुछ सीख कर भी आते हैं तो उसे इंप्लीमेंट होने में 8-10 साल लग जाते हैं।’

सौरभ जोशी, ‘क्या हमने गुनाह कर दिया कि हम टूर पर कुछ सीख कर आए। हम बचपन में स्कूल के टूर पर जाते थे जहां से हमें बहुत कुछ सीखने को मिला जो हमारी पूरी जिंदगी काम आ रहा है। इसका मतलब वो सब बेकार था।’ वहीं आशा जसवाल ने कहा, ‘मैं जिनकी बेटी को साथ ले गई थी वो मेरे गॉड ब्रदर हैं। मैंने पहले बता दिया था।’
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